भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर, उज्जैन, देवास और धार को जोड़ते हुए अर्बन इंडस्ट्रियल मेट्रोपॉलिटन रीजन (Urban Industrial Metropolitan Region-UIMR) विकसित करने का बड़ा खाका तैयार किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अगुवाई में तैयार इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य मालवा क्षेत्र को देश के प्रमुख औद्योगिक और शहरी विकास केंद्र के रूप में स्थापित करना है। योजना के तहत करीब 5 लाख रोजगार (Jobs) के अवसर पैदा करने और 14 नए औद्योगिक पार्क (Industrial Parks) विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार की इस मेगा योजना में इंदौर और उज्जैन के बीच ग्रीनफील्ड कॉरिडोर (Greenfield Corridor) का निर्माण भी शामिल है। लगभग 16 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस विकास मॉडल के जरिए इंदौर, उज्जैन, देवास और धार के बीच आवागमन को इतना आसान बनाया जाएगा कि लोग एक घंटे के भीतर एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंच सकेंगे।
योजना का सबसे बड़ा फायदा उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में देखने को मिलेगा। सरकार का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा, जिससे लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नए इंडस्ट्रियल पार्क और लैंड बैंक विकसित किए जाएंगे।
इस परियोजना को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा, जिससे मालवा क्षेत्र की कनेक्टिविटी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी। उज्जैन और आसपास के इलाकों को एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए अलग सड़क परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। इससे उद्योगों के लिए माल परिवहन आसान होगा और धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।
सरकार इस विकास मॉडल में लैंड पूलिंग व्यवस्था को भी लागू करेगी, जिसमें किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा ब्लू-ग्रीन डेवलपमेंट पॉलिसी, डेटा आधारित शहरी नियोजन और मेट्रो विस्तार जैसी योजनाओं को भी इसमें शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले भी कह चुके हैं कि इंदौर-उज्जैन महानगरीय क्षेत्र केवल दो शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका लाभ पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों को मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और प्रदेश की जीडीपी में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार यह परियोजना मध्य प्रदेश के शहरी और औद्योगिक विकास की दिशा बदल सकती है। बेहतर सड़क नेटवर्क, औद्योगिक निवेश, तेज परिवहन व्यवस्था और रोजगार के अवसरों के कारण मालवा क्षेत्र आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में शामिल हो सकता है।