विदिशा: मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी (Heatwave) और पानी का संकट अब जंगल के वन्यजीवों (Wildlife) के लिए भी जानलेवा साबित होने लगा है। विदिशा जिले के मोहम्मदगढ़ गांव में पानी की तलाश में पहुंचा एक तेंदुआ मौत का शिकार हो गया। गांव की पानी की टंकी के पास उसका शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
यह घटना ग्यारसपुर वन परिक्षेत्र के मोहम्मदगढ़ गांव की है। मंगलवार सुबह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने स्थित पानी की टंकी के पास ग्रामीणों ने तेंदुए को मृत अवस्था में देखा। इसके बाद तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की जांच शुरू की गई।
तेंदुए की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए चार डॉक्टरों की टीम बनाई गई। मौके पर ही पोस्टमार्टम किया गया। शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि तेंदुए की मौत भूख और प्यास के कारण हुई है। माना जा रहा है कि जंगल में जलस्रोत सूखने के कारण तेंदुआ पानी की तलाश में गांव तक पहुंच गया था।
वन विभाग के एसडीओ हिमांशु त्यागी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में भूख और प्यास से मौत की बात सामने आई है, हालांकि पूरे मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। घटना के बाद ग्रामीणों ने जंगलों में वन्य प्राणियों के लिए पानी की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हर साल वन्यजीव संरक्षण और जल प्रबंधन पर लाखों रुपए खर्च होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीन पर स्थिति अलग दिखाई देती है।
मध्य प्रदेश में तेंदुओं की मौत को लेकर पहले भी चिंता जताई जा चुकी है। हाल ही में सामने आए आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2025 से मार्च 2026 के बीच राज्य में 149 तेंदुओं की मौत दर्ज की गई थी। इनमें सड़क हादसे, बिजली करंट, शिकार और प्राकृतिक कारण प्रमुख वजहें बताई गई थीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती गर्मी, सूखते जलस्रोत और जंगलों में घटते संसाधनों के कारण वन्यजीव अब आबादी वाले इलाकों की ओर आने को मजबूर हो रहे हैं। इससे इंसान और वन्यजीव संघर्ष का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।