एलायंस यूनिवर्सिटी में ‘डिमिस्टिफाइंग क्वांटम’ संवाद कल, क्वांटम टेक्नोलॉजी और एआई के भविष्य पर मंथन करेंगे विशेषज्ञ

अकादमिक जगत, उद्योग और अनुसंधान क्षेत्र के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने वाले इस संवाद का उद्देश्य भविष्य की तकनीकों को लेकर जागरूकता बढ़ाना और उनके सामाजिक, आर्थिक तथा औद्योगिक प्रभावों को समझना है।

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  • Updated On - June 11, 2026 / 08:07 PM IST

बेंगलुरु। एलायंस यूनिवर्सिटी 12 जून 2026 को अपने अनेकल स्थित परिसर में “डिमिस्टिफाइंग क्वांटम: क्वांटम टेक्नोलॉजीज़, एआई और डीपटेक पर एक कार्यकारी संवाद” का आयोजन करने जा रही है। इस कार्यक्रम में क्वांटम प्रौद्योगिकी (Quantum Technology), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) और डीपटेक (DeepTech) के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास, अवसरों और चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

अकादमिक जगत, उद्योग और अनुसंधान क्षेत्र के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने वाले इस संवाद का उद्देश्य भविष्य की तकनीकों को लेकर जागरूकता बढ़ाना और उनके सामाजिक, आर्थिक तथा औद्योगिक प्रभावों को समझना है। कार्यक्रम शुक्रवार शाम 4:30 बजे से शुरू होगा, जबकि वरिष्ठ कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए क्वांटम कंप्यूटिंग, एआई और अन्य उभरती तकनीकों में करियर संभावनाओं पर विशेष मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग सत्र दोपहर 3 बजे से आयोजित किए जाएंगे।

इस अवसर पर AU-QUASAR (Alliance University Quantum AI School for Advanced Research) का औपचारिक उद्घाटन भी किया जाएगा। यह संस्थान क्वांटम विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत अनुसंधान के क्षेत्र में नवाचार तथा अंतर्विषयक अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्म भूषण V. K. Saraswat होंगे। वे पूर्व नीति आयोग सदस्य, एलायंस यूनिवर्सिटी रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल के अध्यक्ष तथा प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और रणनीतिक पहल के प्रधान सलाहकार हैं। वे इस अवसर पर विशेष संबोधन देंगे।

मुख्य वक्ताओं में Sanjay Chittore शामिल होंगे, जो क्वांटम एआई ग्लोबल के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। वहीं, Aditya Locharla, जो पूर्व में गूगल क्वांटम एआई से जुड़े रहे हैं, क्वांटम तकनीकों और उद्योग जगत में उनके उपयोग पर अपने विचार साझा करेंगे।

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित कॉर्पोरेट पैनल चर्चा में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ भाग लेंगे। इनमें साइबर सुरक्षा, एंटरप्राइज आर्किटेक्चर, ऑटोनॉमस मोबिलिटी, डेटा साइंस और सार्वजनिक नीति से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो भविष्य की तकनीकों के व्यावसायिक और रणनीतिक प्रभावों पर चर्चा करेंगे।

विश्वविद्यालय के अनुसार यह संवाद क्वांटम प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपटेक जैसे जटिल विषयों को सरल और समझने योग्य बनाने का प्रयास है। विशेषज्ञ सत्रों, पैनल चर्चाओं, मेंटरशिप और संवादात्मक गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को इन क्षेत्रों में उभरते अवसरों, अनुसंधान संभावनाओं और उद्यमिता के नए आयामों की जानकारी दी जाएगी।

“भविष्य का निर्माण करने वाली बातचीत का हिस्सा बनें” विषय पर आधारित यह कार्यक्रम अकादमिक संस्थानों, उद्योग जगत और शोध समुदाय के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।