सरकार ने 1 फरवरी से लागू किया बड़ा टैक्स बदलाव, सिगरेट और पान मसाला महंगे होंगे

इससे टैक्स संरचना बदल रही है और उत्पादों की अंतिम कीमतों में वृद्धि की उम्मीद है।

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  • Publish Date - January 31, 2026 / 08:16 PM IST

नई दिल्ली, 31 जनवरी 2026: केंद्र सरकार ने 1 फरवरी 2026 से सिगरेट (cigarettes), पान मसाला (pan masala) और तंबाकू उत्पादों (tobacco products) पर नया टैक्स ढांचा लागू करने का ऐलान किया है। इन उत्पादों पर अब एक्साइज ड्यूटी (excise duty) और हेल्थ तथा नेशनल सिक्योरिटी सेस (health and national security cess) लगाया जाएगा, जो मौजूदा Goods and Services Tax (GST) के ऊपर अतिरिक्त बोझ बनेगा। यह टैक्स वृद्धि सरकार द्वारा स्वास्थ्य संरक्षण और तंबाकू उत्पादों के उपभोग को कम करने के उद्देश्य से की जा रही है।

पिछले टैक्स ढांचे में सिगरेट और पान मसाले पर 28 प्रतिशत GST के साथ एक कंपेनसेशन सेस (compensation cess) लागू था, जो अब समाप्त हो रहा है और उसकी जगह नया एक्साइज-हेल्थ सेस प्रणाली लागू की जा रही है। इससे टैक्स संरचना बदल रही है और उत्पादों की अंतिम कीमतों में वृद्धि की उम्मीद है।

सरकार ने MRP-आधारित दर (MRP-based valuation) की नई पद्धति भी पेश की है, जिसके तहत सिगरेट, चबाने वाला तंबाकू, जर्दा सुगंधित तंबाकू और गुटखा जैसे उत्पादों पर खुदरा कीमतों (retail sale price) के आधार पर GST लागू किया जाएगा, जिससे टैक्स चोरी को रोकने और राजस्व संग्रह में सुधार करने की कोशिश की जा रही है।

1 फरवरी से पान मसाला निर्माताओं को हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस कानून के तहत नई पंजीकरण आवश्यकताओं का पालन करने की जरूरत होगी। उन्हें अपने पैकिंग मशीनों के सभी हिस्सों पर CCTV कैमरे इंस्टॉल करने और कैमरे की रिकॉर्डिंग कम से कम 24 महीने तक सुरक्षित रखने की भी शर्त दी गई है।

नई टैक्स प्रणाली के लागू होने से सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसका उद्देश्य न केवल राजस्व बढ़ाना है बल्कि लोगों को हानिकारक उत्पादों के उपयोग से रोकना भी है ताकि स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।