धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश से रिपोर्ट: बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा (Dalai Lama) ने ग्रैमी अवॉर्ड (Grammy Award) मिलने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह सम्मान उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि (personal achievemen) नहीं है, बल्कि साझा वैश्विक जिम्मेदारी (shared universal responsibility) को मान्यता देने वाला पुरस्कार है। उन्होंने कहा कि यह अवॉर्ड उनके विचारों और संदेशों के माध्यम से मानवता की भलाई के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयासों का प्रतीक है।
दलाई लामा को 68वें वार्षिक ग्रैमी अवॉर्ड समारोह में बेस्ट ऑडियो बुक, नैरेशन और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग कैटेगरी में यह सम्मान मिला है। यह पुरस्कार उनकी स्पोकन वर्ड ऑडियोबुक के लिए दिया गया, जिसमें शांति, करुणा, नैतिक मूल्यों और मानव एकता पर उनके विचार शामिल हैं।
दलाई लामा ने कहा कि वह इस सम्मान को कृतज्ञता (gratitude/आभार) और नम्रता (humility/नम्रता) के साथ स्वीकार करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पुरस्कार किसी एक व्यक्ति की जीत नहीं है, बल्कि उन मूल्यों की जीत है, जो पूरी दुनिया को जोड़ते हैं।
उन्होंने अपने संदेश में पर्यावरण संरक्षण, आपसी भाईचारे और सभी जीवों के प्रति करुणा पर जोर दिया। दलाई लामा ने कहा कि आज के समय में जब दुनिया संघर्ष और अस्थिरता से जूझ रही है, ऐसे में यह सम्मान शांति और संवाद के संदेश को और मजबूती देगा।
ग्रैमी अवॉर्ड समारोह में दलाई लामा की ओर से उनके प्रतिनिधि ने यह पुरस्कार स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान दलाई लामा के विचारों को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने में मदद करेगा और लोगों को मानवता के साझा भविष्य के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करेगा।