रायपुर: रमज़ान के पाक महीने के समापन के साथ ईद उल‑फितर 2026 (Eid ul‑Fitr 2026) की तैयारियां पूरे भारत में शुरू हो गई हैं। इस्लामी त्योहार ईद का दिन उसी वक्त तय होता है जब शव्वाल महीने का नया चाँद (crescent moon) देखा जाता है और स्थानीय धार्मिक अधिकारी इसकी पुष्टि करते हैं।
पवित्र महीने रमजान (Ramadan) के 29 या 30 रोजे पूरे होने के बाद जैसे ही शव्वाल महीने का चाँद नजर आता है, उसके अगले दिन ईद का त्योहार मनाया जाता है। इस बार कई हिस्सों में चाँद दिखाई देने के संकेत मिल रहे हैं और इसलिए मुसलमान समुदाय (Muslim community) में उत्सव की तैयारियां तेज़ हो गई हैं।
कुछ देशों में जैसे सऊदी अरब में चाँद पहले ही दिखाई दे चुका है, जहां 20 मार्च 2026 को ईद मनाई जा रही है। भारत में स्थानीय रूप से चाँद दिखने के आधार पर ईद की तारीख तय होगी, और संभव है कि भारत में ईद 21 मार्च 2026 को मनाई जाए।
भारतीय मुसलमान अपनी स्थानीय रूयत ए हिलाल समितियों (moon sighting committees) के ऐलानों का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही आधिकारिक घोषणा होगी, त्योहारी माहौल शुरू हो जाएगा। बाजारों, मस्जिदों और समुदायों में खुशियों की लहर बढ़ रही है। लोग मिठाइयाँ, नए कपड़े और ईदी जैसी परंपरागत तैयारियों में जुट गए हैं।
ईद उल‑फितर के दिन मुसलमान सुबह जल्दी उठकर ईद की नमाज़ पढ़ते हैं, एक‑दूसरे को “ईद मुबारक” कहते हैं, गरीबों को फितरा देते हैं और परिवार व मित्रों के साथ मिलकर उत्सव मनाते हैं।