वॉशिंगटन (अमेरिका): भारत के लिए बड़ी राहत (relief) की खबर है। अमेरिका (US) ने रूस (Russia) से तेल (oil) खरीद पर लगी पाबंदियों (sanctions) में दी गई छूट (waiver) को एक बार फिर 30 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। इस फैसले के तहत भारत समेत कई देश पहले से जहाजों पर लदे रूसी तेल (Russian oil) और पेट्रोलियम उत्पादों (petroleum products) को खरीद सकेंगे।
अमेरिकी वित्त विभाग ने नया आदेश जारी करते हुए कहा कि यह छूट 17 अप्रैल तक लोड किए गए तेल पर लागू होगी और 16 मई 2026 तक प्रभावी रहेगी। इससे पहले दी गई छूट 11 अप्रैल को समाप्त हो गई थी, जिसे अब फिर से बढ़ा दिया गया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कुछ दिन पहले तक संकेत मिल रहे थे कि अमेरिका इस छूट को आगे नहीं बढ़ाएगा, लेकिन अचानक नीति में बदलाव करते हुए इसे जारी रखने का निर्णय लिया गया।
इस छूट से भारत को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर रूसी तेल पर निर्भर है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता (stability) आएगी और तेल आपूर्ति पर दबाव कम होगा।
अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह छूट ईरान, क्यूबा, उत्तर कोरिया और यूक्रेन के कुछ क्षेत्रों से जुड़े किसी भी व्यक्ति या संस्था के साथ होने वाले लेनदेन पर लागू नहीं होगी।
दरअसल, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और खासकर ईरान से जुड़े हालात के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसी दबाव को कम करने के लिए अमेरिका ने यह कदम उठाया है।
हालांकि, इस फैसले को लेकर अमेरिका के भीतर आलोचना भी हो रही है, क्योंकि इससे रूस को आर्थिक फायदा मिलने की आशंका जताई जा रही है। इसके बावजूद भारत के लिए यह निर्णय फिलहाल राहत देने वाला माना जा रहा है, जिससे तेल आपूर्ति और कीमतों पर दबाव कम रहेगा।