INS महेंद्रगिरि नौसेना में शामिल, राजनाथ सिंह बोले- रक्षा निर्माण का नया पावरहाउस बन रहा आंध्र प्रदेश

राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य के युद्धों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका बढ़ेगी, लेकिन जीत का आधार हमेशा प्रशिक्षित सैनिकों, मजबूत सैन्य क्षमता और राष्ट्र के संकल्प पर ही रहेगा।

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  • Updated On - July 11, 2026 / 01:43 PM IST

विशाखापत्तनम। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना में स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट INS महेंद्रगिरि (INS Mahendragiri) को शामिल किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश देश के रक्षा और एयरोस्पेस विनिर्माण का नया पावरहाउस बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य अब वायु, जल, थल और मानव रहित रक्षा प्रणालियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य के युद्धों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका बढ़ेगी, लेकिन जीत का आधार हमेशा प्रशिक्षित सैनिकों, मजबूत सैन्य क्षमता और राष्ट्र के संकल्प पर ही रहेगा। उन्होंने कहा कि नई तकनीक और पारंपरिक सैन्य प्लेटफॉर्म एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों का संतुलित उपयोग ही आधुनिक युद्ध क्षमता को मजबूत बनाता है।

उन्होंने बताया कि INS महेंद्रगिरि प्रोजेक्ट-17ए के तहत विकसित नीलगिरि श्रेणी का छठा स्टील्थ फ्रिगेट और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) द्वारा निर्मित इस श्रृंखला का चौथा एवं अंतिम युद्धपोत है। उन्होंने इसे एमडीएल की प्रोजेक्ट-17ए श्रृंखला का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए विश्वास जताया कि भारत भविष्य में भी इसी तरह के अत्याधुनिक युद्धपोत तैयार करता रहेगा।

रक्षा मंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश में पहले पुट्टपर्थी में एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के कोर इंटीग्रेशन एंड फ्लाइट टेस्टिंग सेंटर की आधारशिला रखी गई थी। वहीं, अनकापल्ली जिले में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) की नई नौसैनिक प्रणाली निर्माण इकाई स्थापित की जा रही है, जहां टॉरपीडो, स्वायत्त अंडरवॉटर व्हीकल और अन्य आधुनिक नौसैनिक हथियार प्रणालियों का निर्माण होगा।

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत जिन रक्षा प्रणालियों के लिए पहले विदेशों पर निर्भर था, अब उनका निर्माण देश में ही हो रहा है। उन्होंने कहा कि आसमान में एएमसीए, समुद्र की गहराइयों के लिए बीडीएल की नौसैनिक प्रणालियां, कर्नूल में ड्रोन निर्माण और अब समुद्र की सतह पर आईएनएस महेंद्रगिरि, यह दर्शाता है कि आंध्र प्रदेश देश की रक्षा क्षमता को हर क्षेत्र में मजबूत कर रहा है।