बेंगलुरु, कर्नाटक: कर्नाटक हाईकोर्ट ने बेंगलुरु में कथित जमीन अतिक्रमण मामले में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर (Sri Sri Ravishankar) के खिलाफ चल रही जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि इस स्तर पर जांच प्रक्रिया में दखल नहीं दिया जा सकता और जांच जारी रहेगी।
श्री श्री रवि शंकर की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर एफआईआर रद्द करने और जांच पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिका में दावा किया गया था कि उनका कथित जमीन अतिक्रमण से कोई सीधा संबंध नहीं है और न ही उन्होंने किसी सरकारी जमीन पर कब्जा किया है। हालांकि अदालत ने फिलहाल किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया।
हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला सार्वजनिक भूमि से जुड़ा है और पहले दिए गए निर्देशों के अनुसार ऐसे मामलों में जांच जरूरी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले के सभी रिकॉर्ड देखने के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही अगली सुनवाई की तारीख भी तय की गई है।
यह मामला बेंगलुरु के काग्गलिपुरा क्षेत्र से जुड़ा है, जहां राजाकालुवे और अन्य सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण के आरोप सामने आए हैं। इसी के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच पहले ही सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दे चुकी है।
कोर्ट ने राज्य सरकार से संबंधित केस रिकॉर्ड पेश करने को कहा है। वहीं श्री श्री रवि शंकर को यह छूट दी गई है कि यदि जांच के दौरान उन्हें कोई नोटिस जारी किया जाता है तो वे दोबारा अदालत का रुख कर सकते हैं।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद बेंगलुरु जमीन अतिक्रमण मामले में जांच आगे बढ़ेगी और आने वाले दिनों में इस मामले पर कानूनी गतिविधियां तेज होने की संभावना है।