पुणे में कचरे का पहाड़ ढहने से तीन मंजिला इमारत गिरी, 16 कर्मचारियों के फंसे होने की आशंका, राहत-बचाव अभियान जारी

पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम के आयुक्त विजय सूर्यवंशी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि भारी बारिश के कारण पुराने कचरे का ढेर ढीला हो गया था।

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  • Publish Date - July 8, 2026 / 04:28 PM IST

पुणे (महाराष्ट्र)। लगातार हो रही भारी बारिश (Heavy Rain) के बीच पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ (Pimpri Chinchwad) के मोशी (Moshi) इलाके में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां कचरे के विशाल ढेर (Garbage Mound) का एक हिस्सा अचानक ढहकर तीन मंजिला प्रशासनिक इमारत (Administrative Building) पर गिर गया, जिससे पूरी इमारत भरभराकर गिर गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत के अंदर मौजूद कम से कम 16 कर्मचारियों (Employees) के मलबे में फंसे होने की आशंका है। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान (Rescue Operation) शुरू कर दिया गया है।

यह हादसा पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम की ओर से संचालित कचरा प्रसंस्करण स्थल पर हुआ। जिस इमारत के गिरने की घटना हुई, उसका उपयोग नगर निगम की ओर से कचरा प्रसंस्करण का कार्य करने वाली एक निजी कंपनी के प्रशासनिक कार्यालय के रूप में किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, यह इमारत पुराने कचरे के पहाड़ जैसे विशाल ढेर के ठीक पास स्थित थी। लगातार हो रही बारिश के कारण कचरे का ढेर कमजोर हो गया और अचानक इमारत पर आ गिरा, जिससे पूरी संरचना ध्वस्त हो गई।

पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम के आयुक्त विजय सूर्यवंशी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि भारी बारिश के कारण पुराने कचरे का ढेर ढीला हो गया था। इसके बाद वह इमारत पर गिर पड़ा, जिससे इमारत पूरी तरह ढह गई। उन्होंने कहा कि आशंका है कि घटना के समय करीब 16 कर्मचारी इमारत के अंदर मौजूद थे।

हादसे की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दमकल विभाग और एम्बुलेंस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्ध स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मलबा हटाने का काम जारी है। फिलहाल किसी के सुरक्षित निकाले जाने या हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

पुणे और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। इससे पहले भी जिले में भूस्खलन, दीवार गिरने और जलभराव जैसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें जान-माल का नुकसान हुआ है। लगातार हो रही बारिश के चलते प्रशासन हाई अलर्ट पर है और संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ा दी गई है।