नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की डिजिटल मार्किंग सिस्टम (Digital Marking System) यानी ऑन-स्क्रीन मार्किंग (On-Screen Marking-OSM) को लेकर छात्रों (Students) में बढ़ रही नाराजगी पर गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने केंद्र सरकार और सीबीएसई से इस व्यवस्था में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी है।
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को लेकर छात्रों में असंतोष और शिकायतें सामने आ रही हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत ने इस मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से भी सहायता मांगी और केंद्र तथा सीबीएसई से विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा।
सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से अदालत को बताया गया कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में सामने आ रही समस्याओं की समीक्षा की जा रही है। इसके लिए एक सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो पूरे मूल्यांकन तंत्र का अध्ययन कर आवश्यक सुधारों पर काम कर रही है।
यह जनहित याचिका सीबीएसई परीक्षा मूल्यांकन के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से जुड़े नियमों और प्रक्रिया को लेकर दायर की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि छात्रों की शिकायतों को देखते हुए यह जरूरी है कि मूल्यांकन प्रणाली पारदर्शी, विश्वसनीय और त्रुटिरहित हो। अदालत ने केंद्र सरकार और सीबीएसई से अगली सुनवाई में इस दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा है।