दिल्ली में अमित शाह से मिले तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी, 3.5 करोड़ के इनामी माओवादी गणपति के सरेंडर की चर्चा तेज

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार बैठक के दौरान रेवंत रेड्डी ने अमित शाह को राज्य में नक्सल गतिविधियों की स्थिति और आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों की जानकारी दी।

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  • Publish Date - March 5, 2026 / 03:42 PM IST

नई दिल्ली: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (Revanth Reddy) ने बुधवार शाम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद देश के बड़े माओवादी नेता गणपति के संभावित आत्मसमर्पण (Surrender) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि यह बैठक मुख्य रूप से नक्सल विरोधी अभियान और आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के पुनर्वास (Rehabilitation) से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए हुई थी।

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार बैठक के दौरान रेवंत रेड्डी ने अमित शाह को राज्य में नक्सल गतिविधियों की स्थिति और आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में तेलंगाना में 591 माओवादियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है। सरकार ऐसे लोगों को पुनर्वास योजनाओं के तहत मदद भी दे रही है ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।

इस उच्च स्तरीय बैठक में तेलंगाना के डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी, इंटेलिजेंस के अतिरिक्त डीजीपी विजय कुमार, एसआईबी की आईजी बी. सुमति और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. शेषाद्रि भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान नक्सल विरोधी रणनीति को और मजबूत करने और केंद्र-राज्य के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

बताया जा रहा है कि इस बैठक के बाद प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के पूर्व महासचिव मुप्पाला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति के आत्मसमर्पण की संभावना को लेकर चर्चाएं बढ़ गई हैं। गणपति देश के शीर्ष माओवादी नेताओं में गिने जाते हैं और उन पर विभिन्न राज्यों में कुल मिलाकर 3.5 करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित है।

करीमनगर जिले के रहने वाले गणपति पहले एक स्कूल शिक्षक थे और वर्ष 1983 में भूमिगत हो गए थे। बाद में वे भारत में माओवादी आंदोलन के प्रमुख रणनीतिकारों में शामिल हुए और 2004 से 2018 तक सीपीआई (माओवादी) के महासचिव रहे। माना जाता है कि वे 70 वर्ष से अधिक उम्र के हैं और स्वास्थ्य समस्याओं से भी जूझ रहे हैं।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार हाल ही में वरिष्ठ माओवादी कमांडर थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी के आत्मसमर्पण के बाद गणपति के भी हथियार छोड़ने की अटकलें तेज हुई हैं। वहीं उनके परिजनों ने भी उनसे घर लौटकर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है। हालांकि पुलिस ने अभी तक गणपति के आत्मसमर्पण को लेकर किसी आधिकारिक बातचीत या पुष्टि नहीं की है।