बंगाल में BSF को बॉर्डर फेंसिंग के लिए मिलेगी जमीन, नई BJP सरकार ने BNS और आयुष्मान योजना लागू करने का लिया फैसला

हावड़ा के नाबन्ना में हुई कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पिछली टीएमसी सरकार ने सीमा सुरक्षा और नए आपराधिक कानूनों को लेकर जरूरी कदम नहीं उठाए थे

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  • Publish Date - May 11, 2026 / 04:03 PM IST

कोलकाता, पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ऐलान किया कि भारत-बांग्लादेश सीमा (India-Bangladesh Border) पर फेंसिंग (Border Fencing) के लिए बीएसएफ (BSF) को जमीन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ रोकने के लिए 45 दिनों के भीतर जमीन गृह मंत्रालय को सौंप दी जाएगी।

हावड़ा के नाबन्ना में हुई कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पिछली टीएमसी सरकार ने सीमा सुरक्षा और नए आपराधिक कानूनों को लेकर जरूरी कदम नहीं उठाए थे। अब राज्य में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और नए आपराधिक कानूनों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत (Ayushman Bharat) और जन आरोग्य योजना भी जल्द पश्चिम बंगाल में लागू की जाएंगी। इसके साथ ही उज्ज्वला योजना से जुड़ी लंबित फाइलों को केंद्र सरकार के पास भेज दिया गया है।

बैठक में मंत्री दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निषिथ प्रमाणिक, क्षुदीराम और अशोक कीर्तनिया मौजूद रहे। हालांकि अभी मंत्रियों के विभागों का बंटवारा नहीं किया गया है।

सरकार ने चुनावी हिंसा में मारे गए 321 भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवारों की जिम्मेदारी उठाने का भी फैसला लिया है। इसके अलावा IAS और IPS अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण की अनुमति देने और राज्य सरकारी नौकरियों में पांच साल का विस्तार देने का निर्णय भी लिया गया।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग का काम पहले बेहद धीमी गति से हुआ। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित 127 किलोमीटर क्षेत्र में से सिर्फ 8 किलोमीटर हिस्से में ही पिछली सरकार के दौरान बाड़ लगाई गई थी।

भारत और बांग्लादेश के बीच कुल 4,097 किलोमीटर लंबी सीमा है। गृह मंत्रालय के अनुसार करीब 3,240 किलोमीटर इलाके में फेंसिंग हो चुकी है, जबकि लगभग 850 किलोमीटर क्षेत्र में अभी बाड़ लगना बाकी है। इसमें 175 किलोमीटर दुर्गम इलाका भी शामिल है।

पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश के साथ करीब 2,216 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है, जो भारत की सबसे लंबी स्टेट बॉर्डर मानी जाती है। साल 2021 में केंद्र सरकार ने बंगाल में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर कर दिया था। इसके तहत बीएसएफ को 50 किलोमीटर तक तलाशी, गिरफ्तारी और जब्ती की शक्तियां दी गई थीं। उस समय ममता बनर्जी सरकार ने इसका विरोध करते हुए इसे राज्य के अधिकारों में हस्तक्षेप बताया था और विधानसभा में इसके खिलाफ प्रस्ताव भी पारित किया गया था।