भूपेश बघेल से पूछो, प्रूफ दूं क्या?’ लोकसभा में अमित शाह का कांग्रेस पर तीखा हमला
By : hashtagu, Last Updated : March 30, 2026 | 9:42 pm
By : hashtagu, Last Updated : March 30, 2026 | 9:42 pm
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री (Home Minister) Amit Shah ने लोकसभा (Lok Sabha) में नक्सलवाद (Naxalism) को लेकर कांग्रेस (Congress) पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel का नाम लेते हुए कहा, “भूपेश बघेल से पूछो, मैं प्रूफ (proof) भी दे दूं क्या?” और आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासन के दौरान नक्सलवाद को खत्म करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद केवल हिंसा (violence) का नाम नहीं है, बल्कि यह उन इलाकों में विकास (development) को रोकने वाली बड़ी समस्या बन गया है। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दशकों तक न तो बुनियादी सुविधाएं पहुंचीं और न ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई। उनका कहना था कि कांग्रेस ने इन इलाकों को नजरअंदाज किया, जिससे वहां गरीबी और असुरक्षा दोनों गहराती रही।
लोकसभा में वामपंथी उग्रवाद (Left Wing Extremism) पर चर्चा के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस के दृष्टिकोण पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हिंसा में लिप्त लोगों के साथ बातचीत करना अन्याय है उन लोगों के साथ, जो नक्सलवाद के शिकार बने। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सख्त नीति (strict policy) और सुरक्षा बलों की सक्रियता के जरिए हिंसा को रोक रही है।
अमित शाह ने यह भी बताया कि पिछले वर्षों में जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार रही, वहां नक्सलवाद बढ़ता गया और विकास कार्य प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नक्सल प्रभावित जिलों में न केवल सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी सुविधाएं भी तेजी से पहुंचा रही हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद से निपटने के लिए केंद्र सरकार की प्राथमिकता है कि प्रभावित क्षेत्रों को मुख्यधारा (mainstream) में लाया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंसा का कोई औचित्य नहीं है और किसी भी मांग को केवल संवैधानिक और शांति पूर्ण तरीके से ही उठाया जाना चाहिए।
अमित शाह के इस बयान के बाद संसद में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच नक्सलवाद के मुद्दे पर तीखी बहस (debate) हुई। भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच कटु बहस देखने को मिली, जिसमें दोनों पक्षों ने अपने-अपने दृष्टिकोण स्पष्ट किए।
इस चर्चा से यह साफ हो गया कि केंद्र सरकार नक्सलवाद के खिलाफ गंभीर है और राज्य सरकारों के साथ मिलकर प्रभावी रणनीति के जरिए इसे समाप्त करने पर ध्यान दे रही है।
Speaking in the Lok Sabha on India’s Decisive Fight Against Naxalism, under the Leadership of PM Shri @narendramodi Ji. https://t.co/nlr3ksjBfI
— Amit Shah (@AmitShah) March 30, 2026