नई दिल्ली : लोकसभा (Lok Sabha) सीटों के परिसीमन (delimitation) को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्रीय गृह मंत्री (Union Home Minister) अमित शाह (Amit Shah) ने संसद (Parliament) में इसका “प्रैक्टिकल इंटरप्रिटेशन” (practical interpretation) पेश करते हुए कहा कि सभी राज्यों की सीटें अनुपात (proportion) में बढ़ेंगी और किसी का नुकसान (loss) नहीं होगा।
लोकसभा में बोलते हुए अमित शाह ने स्पष्ट किया कि नए प्रस्ताव के तहत मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर करीब 815 से 850 तक किया जा सकता है और इसमें एक-तिहाई महिलाओं (women reservation) के लिए आरक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा। इस प्रस्ताव को लेकर दक्षिणी राज्यों और विपक्षी दलों ने चिंता जताई है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे उत्तरी राज्यों को ज्यादा फायदा होगा।
अमित शाह ने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्तमान में राज्य की 28 लोकसभा सीटें हैं, जो बढ़कर 42 हो जाएंगी, जबकि प्रतिनिधित्व लगभग समान रहेगा। आंध्र प्रदेश की सीटें 25 से बढ़कर 38 हो जाएंगी और प्रतिनिधित्व में भी हल्की बढ़ोतरी होगी।
तेलंगाना को लेकर उन्होंने कहा कि वहां 17 सीटें हैं, जो बढ़कर 26 हो जाएंगी और प्रतिनिधित्व भी थोड़ा बढ़ेगा। तमिलनाडु के बारे में उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य की ताकत कम नहीं होगी बल्कि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अभी 39 सांसद हैं, जो बढ़कर 59 हो जाएंगे और प्रतिनिधित्व 7.18% से बढ़कर 7.23% तक पहुंच जाएगा।
उन्होंने बताया कि दक्षिण भारत के पांच राज्यों की कुल सीटें 129 से बढ़कर 195 हो जाएंगी और उनका कुल प्रतिनिधित्व भी 23.76% से बढ़कर 23.87% हो जाएगा।
इससे पहले केंद्रीय कानून मंत्री (Union Law Minister) अर्जुन राम मेघवाल (Arjun Ram Meghwal) ने कहा कि परिसीमन के बाद सभी राज्यों की सीटों में लगभग 50% की बढ़ोतरी होगी। उनके अनुसार, कुल लोकसभा सीटें करीब 815 होंगी, जिनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
सरकार का कहना है कि यह परिसीमन 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाएगा और इसके साथ ही 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को भी लागू किया जाएगा।
हालांकि प्रस्तावित बदलावों के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की संभावना है, जबकि तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को अपेक्षाकृत कम बढ़त मिलने की बात कही जा रही है।