नक्सलवाद गरीबी की वजह नहीं, बल्कि गरीबी का कारण बना: लोकसभा में अमित शाह का बड़ा बयान

लोकसभा में वामपंथी उग्रवाद (Left Wing Extremism) पर चर्चा के दौरान अमित शाह ने कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्र लंबे समय तक ‘रेड टेरर’ (Red Terror) की चपेट में रहे, जिससे वहां विकास नहीं पहुंच पाया।

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  • Publish Date - March 30, 2026 / 08:24 PM IST

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री (Home Minister) Amit Shah ने Lok Sabha में नक्सलवाद (Naxalism) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में नक्सलवाद गरीबी (poverty) की वजह से नहीं फैला, बल्कि जिन क्षेत्रों में नक्सलवाद फैला, वे इलाके उसी कारण से गरीब बने रहे। उन्होंने इसे एक विचारधारा (ideology) आधारित समस्या बताया, जिसने विकास (development) को बाधित किया।

लोकसभा में वामपंथी उग्रवाद (Left Wing Extremism) पर चर्चा के दौरान अमित शाह ने कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्र लंबे समय तक ‘रेड टेरर’ (Red Terror) की चपेट में रहे, जिससे वहां विकास नहीं पहुंच पाया। उन्होंने बताया कि अब स्थिति बदल रही है और बस्तर में नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है तथा क्षेत्र तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रभावित इलाकों में हर गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का अभियान चलाया है। गांव-गांव में स्कूल, राशन दुकान और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्थापित किए गए हैं। लोगों को आधार कार्ड और राशन कार्ड दिए गए हैं और उन्हें हर महीने 5 किलो अनाज मिल रहा है।

अमित शाह ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद आदिवासी क्षेत्रों में विकास क्यों नहीं पहुंच पाया। उन्होंने कहा कि दशकों तक इन इलाकों में न तो बुनियादी सुविधाएं दी गईं और न ही शिक्षा, स्वास्थ्य और बैंकिंग सेवाएं पहुंचाई गईं।

गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के कारण देश के कई राज्यों में ‘रेड कॉरिडोर’ बन गया था, जहां कानून व्यवस्था कमजोर हो गई थी। उन्होंने बताया कि करोड़ों लोग वर्षों तक गरीबी में जीवन जीते रहे और हजारों युवाओं की जान गई या वे स्थायी रूप से घायल हुए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि हिंसा का कोई औचित्य नहीं है और किसी भी मांग को केवल संवैधानिक तरीके से ही उठाया जाना चाहिए। सरकार का लक्ष्य देश को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाना है और इसके लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।