कुआलालंपुर, मलेशिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा कि भारत (India) की सफलता मलेशिया (Malaysia) की सफलता है और यह पूरे एशिया (Asia) की भी सफलता है। उन्होंने यह बात कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय (Indian Diaspora) को संबोधित करते हुए कही। प्रधानमंत्री मलेशिया के दौरे पर हैं और इस दौरान उन्होंने भारत-मलेशिया संबंधों को साझा प्रगति और आपसी विश्वास पर आधारित बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया के रिश्ते ‘IMPACT’ सिद्धांत से संचालित होते हैं, जिसका अर्थ है India-Malaysia Partnership for Advancing Collective Transformation, यानी सामूहिक परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए भारत-मलेशिया की साझेदारी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की प्रगति एक-दूसरे से जुड़ी हुई है और एक देश की सफलता दूसरे देश की मजबूती बनती है।
प्रधानमंत्री ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा भारत की चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) मिशन की सफलता पर दी गई शुभकामनाओं के लिए आभार जताया। उन्होंने बताया कि मलेशिया में 100 से अधिक भारतीय आईटी कंपनियां काम कर रही हैं, जो हजारों लोगों को रोजगार दे रही हैं। इसके साथ ही भारत और मलेशिया के बीच डिजिटल सहयोग (Digital Cooperation) लगातार मजबूत हो रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने मलेशिया में एशिया के सबसे बड़े इंसुलिन निर्माण संयंत्र (Insulin Manufacturing Facility) की स्थापना में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के संबंध (People to People Connect) को मजबूत बताते हुए कहा कि यह साझा इतिहास और संस्कृति का परिणाम है।
प्रधानमंत्री ने भारत में हो रहे तेज़ बुनियादी ढांचा विकास (Infrastructure Development) का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में हवाईअड्डों की संख्या दोगुनी हुई है, राजमार्ग तेजी से बन रहे हैं और वंदे भारत (Vande Bharat) जैसी आधुनिक ट्रेनें देश की नई पहचान बन चुकी हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि भारत-मलेशिया साझेदारी आने वाले समय में और मजबूत होगी और इसका सीधा लाभ दोनों देशों के नागरिकों को मिलेगा।