साउथैम्प्टन (इंग्लैंड)। इंग्लैंड दौरे में टीम इंडिया (Team India) की सबसे बड़ी कमजोरी (Weakness) सामने आ गई है। लगातार खराब फील्डिंग (Fielding), कमजोर मिडिल ऑर्डर (Middle Order) और ऑलराउंडरों की कमी ने इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं। पांच मैचों की टी-20 सीरीज में भारत को 4-0 से हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद टीम के प्रदर्शन पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
पूर्व भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी चिंता मिडिल ऑर्डर की गहराई, गुणवत्तापूर्ण ऑलराउंडरों की कमी और लगातार खराब फील्डिंग है। उनका कहना है कि इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने पांचवें, छठे, सातवें और आठवें नंबर तक महत्वपूर्ण योगदान दिया, जबकि भारतीय बल्लेबाजी क्रम में यह संतुलन नजर नहीं आया।
इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम टी-20 मुकाबले में भारत की फील्डिंग एक बार फिर सवालों के घेरे में रही। शिवम दुबे ने हैरी ब्रूक का आसान कैच छोड़ दिया, जिसका पूरा फायदा इंग्लैंड ने उठाया। जोस बटलर और हैरी ब्रूक की रिकॉर्ड साझेदारी की बदौलत इंग्लैंड ने 257 रन बनाए और 56 रन से मैच जीतकर सीरीज 4-0 से अपने नाम कर ली।
पूरे दौरे में भारतीय टीम की फील्डिंग लगातार कमजोर रही। कई अहम मौकों पर कैच छूटे और मैदान पर गलतियां हुईं, जिससे विपक्षी टीम को बड़े स्कोर बनाने का मौका मिला। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत को आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में मजबूत वापसी करनी है तो बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ-साथ फील्डिंग के स्तर में भी बड़ा सुधार करना होगा।
इंग्लैंड दौरे में मिली लगातार हार के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) भी टीम के प्रदर्शन की समीक्षा करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि चयन, टीम संयोजन और प्रदर्शन से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा की जाएगी, ताकि भविष्य की चुनौतियों के लिए टीम को बेहतर बनाया जा सके।