सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदा, भारत में विवाद तेज

सनराइजर्स लीड्स के इस फैसले के बाद भारतीय क्रिकेट प्रेमियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और कई लोगों ने इसे “अनादर” और “अनुचित” बताया है।

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  • Publish Date - March 13, 2026 / 03:21 PM IST

दुबई/लंदन: द हंड्रेड 2026 क्रिकेट नीलामी में भारतीय मालिकाना वाली फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी लेग स्पिनर अबरार अहमद (Abrar Ahmed)  को टीम में शामिल करने का निर्णय किया है, जिससे सोशल मीडिया और क्रिकेट प्रशंसकों में तीखा विवाद खड़ा हो गया है। अबरार को इस नीलामी में करीब £190,000 (लगभग ₹2.34 करोड़) में खरीदा गया, और वह भारतीय मालिक वाली किसी फ्रेंचाइजी के लिए साइन किए जाने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बने।

सनराइजर्स लीड्स के इस फैसले के बाद भारतीय क्रिकेट प्रेमियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और कई लोगों ने इसे “अनादर” और “अनुचित” बताया है। कुछ फैंस ने सोशल मीडिया पर विरोध जताते हुए फ्रेंचाइजी के खिलाफ पोस्ट और ट्रेंड शुरू कर दिए। इसके चलते फ्रेंचाइजी का आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट कुछ समय के लिए सस्पेंड भी हो गया, जिससे विवाद और गहरा गया है।

विरोध का एक बड़ा कारण यह है कि अबरार अहमद ने पहले भारत‑पाकिस्तान के बीच राजनीतिक और सैन्य तनाव से जुड़े मुद्दों पर विवादित टिप्पणियाँ भी की हैं, जिसकी वजह से भारतीय प्रशंसक और सोशल मीडिया यूजर्स खासे नाराज़ हैं।

सनराइजर्स लीड्स के मुख्य कोच डेनियल विट्टोरी ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि खिलाड़ी का चयन केवल क्रिकेटिंग क्षमता और टीम की जरूरतों के आधार पर किया गया है, और लक्ष्य टीम की गेंदबाजी लाइनअप को मजबूत करना था। उन्होंने यह भी बताया कि टीम ने पहले इंग्लैंड के स्टार स्पिनर को हासिल करने की कोशिश की थी, लेकिन वह संभव नहीं हो सका।

बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने प्रतिक्रिया में कहा कि विदेशी लीगों में फ्रेंचाइजी को यह निर्णय लेने का अधिकार है और इसमें बोर्ड की कोई रोक नहीं होती।

विश्लेषकों के मुताबिक यह मामला क्रिकेट से आगे बढ़कर भावनात्मक और राजनीतिक स्तर पर पहुंच गया है, क्योंकि भारत‑पाकिस्तान के बीच लंबे समय से तनावों का इतिहास रहा है।