PM मोदी की अपील के बीच BJP नेता का 50 गाड़ियों वाला काफिला पड़ा भारी, किसान मोर्चा अध्यक्ष पद से हटाए गए सज्जन यादव

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा अब ईंधन बचत और सादगी के संदेश को लेकर सख्त रवैया अपनाती नजर आ रही है।

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  • Updated On - May 14, 2026 / 09:21 PM IST

भिंड (मध्य प्रदेश): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत (Fuel Saving) और सादगी (Simplicity) की अपील के बीच मध्य प्रदेश में भाजपा नेता का बड़ा वाहन काफिला अब विवाद का कारण बन गया है। भिंड में भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सज्जन सिंह यादव को 50 से ज्यादा गाड़ियों के काफिले और शक्ति प्रदर्शन के बाद पद से हटा दिया गया है। पार्टी ने इस पूरे मामले को अनुशासनहीनता बताते हुए तुरंत कार्रवाई की है।

जानकारी के मुताबिक 13 मई को ग्वालियर से भिंड तक सज्जन सिंह यादव के स्वागत में बड़ी संख्या में वाहन शामिल हुए थे। शहर में 50 से ज्यादा गाड़ियों का लंबा काफिला निकला, जिससे कई जगहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। आम लोगों को सड़क पर काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान समर्थक शक्ति प्रदर्शन करते नजर आए और पूरा मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

भाजपा संगठन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की। प्रदेश किसान मोर्चा अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने आदेश जारी कर सज्जन सिंह यादव को जिलाध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया। आदेश में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बावजूद इतने बड़े वाहन काफिले का आयोजन पार्टी की नीति और संदेश के खिलाफ है।

दरअसल हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने और संसाधनों का संयमित उपयोग करने की अपील की थी। इसके बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी अपने सरकारी काफिले में गाड़ियों की संख्या घटाने का फैसला लिया था। उन्होंने मंत्रियों और नेताओं से भी कम वाहनों का इस्तेमाल करने को कहा था।

इस मामले के सामने आने के बाद विपक्ष ने भाजपा पर निशाना साधा और सादगी के दावों पर सवाल उठाए। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री के संदेश का पालन करने की अपील की थी। इसके बावजूद भिंड में निकले इस काफिले ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दीं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा अब ईंधन बचत और सादगी के संदेश को लेकर सख्त रवैया अपनाती नजर आ रही है। यही वजह है कि विवाद बढ़ने से पहले संगठन ने तत्काल कार्रवाई कर स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है।