भोरमदेव को मिलेगा काशी जैसा कॉरिडोर विकास परियोजना से पर्यटन को बढ़ावा

By : hashtagu, Last Updated : January 3, 2026 | 2:04 pm

कबीरधाम: छत्तीसगढ़ सरकार ने कबीरधाम जिले के प्राचीन भोरमदेव (Bhoramdeo) धाम मंदिर परिसर को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने का बड़ा निर्णय लिया है। यह योजना धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनाई जा रही है।

भोरमदेव मंदिर शिवजी को समर्पित एक प्राचीन स्थल है जो पहाड़ी इलाके में स्थित है और रायपुर से लगभग 125 किलोमीटर दूर है। इस मंदिर के शिल्प और वास्तुकला को छत्तीसगढ़ का खजुराहो कहा जाता है। अब इस ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखते हुए मंदिर परिसर के आसपास कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा।

परियोजना में मुख्य मंदिर परिसर, मदवा महल, छेरकी महल, रामचुअ और सरोधा डाडर जैसे हिस्सों का विकास शामिल है। कॉरिडोर के आसपास छह प्रवेश द्वार, सुंदर पार्क, संग्रहालय, पेयजल और बिजली सुविधाएं, शेड, बेहतर ड्रेनेज और पौधरोपण जैसे काम किए जाएंगे। आधुनिक जल शोधन व्यवस्था भी पहली बार भोरमदेव में शामिल की जाएगी ताकि पर्यटक और श्रद्धालु बेहतर सुविधाओं का लाभ ले सकें।

इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 146 करोड़ रुपये रखी गई है और इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। यह पूरे कबीरधाम क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाएगा।

भोरमदेव कॉरिडोर के तैयार होने से छत्तीसगढ़ की प्राचीन धार्मिक धरोहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी, और मंदिर परिसर का सौंदर्य और आस्था दोनों बढ़ेंगे।