होर्मुज स्ट्रेट में तनाव: ईरान की फायरिंग से 2 भारतीय जहाज निशाने पर, 14 जहाजों की आवाजाही रुकी

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस घटना के बाद हालात और बिगड़ गए। फायरिंग के चलते 13 जहाज फारस की खाड़ी के अलग-अलग हिस्सों में वापस लौट गए।

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  • Updated On - April 19, 2026 / 12:16 AM IST

होर्मुज जलडमरूमध्य (ईरान/फारस की खाड़ी): होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से कच्चा तेल (crude oil) और गैस (gas) लेकर भारत आ रहे जहाजों पर ईरान (Iran) की कार्रवाई से बड़ा तनाव पैदा हो गया है। शनिवार दोपहर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दो भारतीय जहाजों पर फायरिंग (firing) कर दी, जबकि भारत की ओर आ रहे कुल 14 जहाजों को स्ट्रेट पार करने से रोक दिया गया।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस घटना के बाद हालात और बिगड़ गए। फायरिंग के चलते 13 जहाज फारस की खाड़ी के अलग-अलग हिस्सों में वापस लौट गए। इनमें से एक जहाज पर गोलियां भी लगीं, जिससे नुकसान की खबर है। हालांकि, एक जहाज किसी तरह होर्मुज स्ट्रेट पार करने में सफल रहा।

इस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने भारत में तैनात ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फथअली को तलब किया और इस कार्रवाई पर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि ईरान पहले भी भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग देता रहा है, इसलिए मौजूदा स्थिति को जल्द सामान्य किया जाए और जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू कराई जाए।

दरअसल, ईरान ने पहले ही होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का ऐलान किया था। उसका आरोप है कि अमेरिका सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। हालांकि, 24 घंटे के भीतर ईरान ने अपने रुख में बदलाव के संकेत भी दिए हैं, जिससे स्थिति और अनिश्चित हो गई है।

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक तेल और गैस की सप्लाई होती है। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और बाजार पर असर डाल सकता है।

इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है और सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि आने वाले समय में ईरान और अमेरिका के बीच टकराव किस दिशा में जाता है और क्या समुद्री मार्ग जल्द सामान्य हो पाएगा।