ईरान युद्ध पर पूर्व ट्रंप सहयोगी जो केंट का बड़ा दावा, इजराइल पर अमेरिका को खींचने का आरोप

टकर कार्लसन ने केंट से सवाल किया कि क्या ईरान वास्तव में परमाणु हथियार (nuclear weapon) बनाने के करीब था।

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  • Publish Date - March 19, 2026 / 04:25 PM IST

वॉशिंगटन, अमेरिका: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के सहयोगी रहे जो केंट (Joe Kent) ने ईरान युद्ध (Iran War) को लेकर बड़ा और विवादित दावा किया है। उन्होंने कहा कि इजराइल (Israel) ने अमेरिका (United States) को इस संघर्ष में खींचा। केंट ने यह बयान राइट-विंग पॉडकास्टर टकर कार्लसन (Tucker Carlson) को दिए इंटरव्यू (interview) में दिया।

जो केंट, जिन्होंने नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर (National Counterterrorism Center) के प्रमुख पद से इस्तीफा दिया था, ने कहा कि इजराइल के फैसलों ने इस कार्रवाई (action) को जन्म दिया, जिससे घटनाओं की एक श्रृंखला (series of events) शुरू हुई क्योंकि ईरान (Iran) की ओर से जवाबी कार्रवाई तय थी।

टकर कार्लसन ने केंट से सवाल किया कि क्या ईरान वास्तव में परमाणु हथियार (nuclear weapon) बनाने के करीब था। इस पर केंट ने इसे खारिज करते हुए कहा कि न तो कुछ हफ्ते पहले और न ही जून में ईरान इस स्थिति में था। उन्होंने कहा कि 2004 से ईरान में परमाणु हथियार विकसित करने के खिलाफ एक धार्मिक आदेश (fatwa) लागू है और इसके उल्लंघन के कोई ठोस खुफिया संकेत (intelligence evidence) नहीं थे।

केंट ने यह भी कहा कि ईरान द्वारा तत्काल हमले (immediate attack) की आशंका के दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और स्पीकर ने यह जरूर कहा कि कार्रवाई इसलिए हुई क्योंकि इजराइल हमला करने वाला था, लेकिन वास्तविकता में ईरान के तत्काल हमले की कोई ठोस योजना मौजूद नहीं थी।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) को लेकर केंट ने कहा कि उन्हें अपनी मौत का डर नहीं था। केंट के अनुसार, खामेनेई को विश्वास था कि यदि उनकी मौत भी हो जाती है, तो भी शासन (regime) बना रहेगा।

वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने जो केंट के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका पद छोड़ना सही फैसला है। ट्रंप ने केंट के रुख की आलोचना करते हुए कहा कि वे सुरक्षा (security) के मामलों में कमजोर थे और उन्होंने ईरान को खतरा नहीं माना, जबकि दुनिया के कई देश ईरान को बड़ा खतरा मानते हैं।