नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में फंसे भारतीय जहाजों को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। अब तक 8 भारतीय जहाज इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पार कर चुके हैं, जबकि 17 जहाज अब भी फंसे हुए हैं, जिससे देश की ऊर्जा आपूर्ति (energy supply) को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के मुताबिक, भारत के लिए एलपीजी, कच्चा तेल और एलएनजी लेकर जा रहे कई जहाज इस क्षेत्र में रुके हुए हैं। कुछ जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिलने के बाद उन्हें बाहर निकाला गया है, लेकिन बाकी जहाज अब भी स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इससे पहले करीब 19 जहाज इस इलाके में फंसे हुए थे, जो पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सुरक्षा जोखिम के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे थे।
दरअसल, अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के चलते हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। यह दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
भारत के लिए यह स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर काफी हद तक निर्भर है। खासकर एलपीजी और कच्चे तेल की सप्लाई इसी रास्ते से आती है।
सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। चरणबद्ध तरीके से जहाजों को बाहर निकालने की रणनीति पर काम हो रहा है, ताकि देश में गैस और तेल की आपूर्ति प्रभावित न हो।
मौजूदा हालात साफ संकेत देते हैं कि हॉर्मुज संकट अब केवल क्षेत्रीय तनाव नहीं, बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है।