अमित चिमनानी का राहुल गांधी पर करार पलटाव का आरोप
By : dineshakula, Last Updated : September 18, 2025 | 2:32 pm
रायपुर: छत्तीसगढ़ भाजपा के स्टेट मीडिया इंचार्ज अमित चिमनानी (Amit Chimnani) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोट चोरी’ की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर तीखा हमला किया है। चिमनानी ने ट्वीट कर कहा कि राहुल गांधी को “अपनी ही बातों से मुकरने की बीमारी है।” उनका तर्क है कि राहुल पहले आरोप लगाते थे कि निर्वाचन आयोग केंद्र सरकार का कठपुतली है, लेकिन अब वही व्यक्ति आरोप लगा रहे हैं कि उन्हें निर्वाचन आयोग से ही अंदर की जानकारी मिल रही है। चिमनानी ने कहा, “पूरे विश्व में इससे कन्फ्यूज़ आदमी कोई और नहीं।”
श्रीमान राहुल गांधी को अपनी ही बात से मुकरने की बीमारी है पहले कहते थे चुनाव आयोग केंद्र सरकार की कठपुतली है, अब कह रहे है इन्हें चुनाव आयोग से ही अंदर की जानकारी मिल रही है पूरे विश्व में इससे कन्फ्यूज आदमी कोई और नहीं..@narendramodi @AmitShah @BJP4India pic.twitter.com/sskycrLrga
— CA AMIT CHIMNANI (@caamitchimnani) September 18, 2025
इसमें जो संदर्भ है वह राहुल गांधी की प्रेस कांफ्रेंस है जिसमें उन्होंने यह दावा किया था कि चुनाव आयोग जानबूझकर कांग्रेस के वोटर्स को निशाना बना रहा है और उनके नाम वोटर लिस्ट से डिलीट कर रहा है। उन्होंने कई राज्यों – महाराष्ट्र, हरियाणा, यूपी सहित – में ऐसे उदाहरणों का ज़िक्र किया जहाँ उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी हुई है। राहुल गांधी ने इसे ‘वोट चोरी’ की बड़ी साजिश बताया और कहा कि निर्वाचन आयोग भाजपा के साथ मिलकर लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है।
वहीँ निर्वाचन आयोग ने इन आरोपों को “बेबुनियाद” करार दिया है। आयोग ने बताया है कि मतदाता नामांकन हटाने- जोड़ने का पूरा प्रक्रिया कानूनन जांची जाती है और “ऑनलाइन डिलीट” जैसा कुछ संभव नहीं है।
बीजेपी की प्रतिक्रिया में चिमनानी ने इस तरह के आरोपों को राहुल के राजनीतिक अड़चनों और विवादों से ध्यान हटाने के उपाय बताया। उनका कहना है कि राहुल गांधी लगातार आरोप लगाते हैं लेकिन जब आरोपों की पड़ताल की बात आती है तो कोई सुस्पष्ट सबूत सामने नहीं आता।
यह विवाद अब सार्वजनिक बहस का विषय बन गया है और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज़ी से हो रहे हैं। अगले दिनों में यह देखना होगा कि राहुल गांधी द्वारा पेश किए गए “सबूत” कितने ठोस होते हैं और निर्वाचन आयोग या न्यायालय कैसे प्रतिक्रिया करते हैं।




