राज्यसभा में PM मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले– डील के नाम पर बोफोर्स, विपक्ष ने किया वॉकआउट

By : hashtagu, Last Updated : February 5, 2026 | 7:32 pm

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा (Rajya Sabha) में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव (Thanks Motion) का जवाब देते हुए कांग्रेस और विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। इस दौरान सदन में हंगामा (Ruckus) हुआ और विपक्षी दलों ने नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी सांसदों ने राहुल गांधी को बोलने देने की मांग करते हुए तानाशाही नहीं चलेगी के नारे लगाए। प्रधानमंत्री ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि खड़गे जी की उम्र को देखते हुए उन्हें बैठकर नारे लगाने की अनुमति दी जानी चाहिए। इसके बाद कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक घंटा 27 मिनट का लंबा भाषण दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यह कौन सी मोहब्बत की दुकान है, जो मोदी की कब्र खोदने की बात करती है। उन्होंने इसे सार्वजनिक जीवन की मर्यादा का अपमान बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि टीएमसी, कांग्रेस, लेफ्ट और डीएमके जैसे दल दशकों तक केंद्र की सत्ता में रहे, लेकिन उनकी पहचान डील के नाम पर बोफोर्स घोटाले से जुड़ गई। उन्होंने कहा कि आज देश में डील की चर्चा गौरव के साथ होती है, जबकि कांग्रेस के समय डील का मतलब घोटाला होता था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों के लालकिले से दिए गए भाषणों का विश्लेषण किया जाए तो साफ पता चलता है कि उनके पास कोई स्पष्ट सोच और विजन नहीं था। आज सरकार को उनकी गलतियों को सुधारने में काफी ऊर्जा लगानी पड़ रही है। उस दौर में भारत की जो छवि दुनिया में बनी थी, उसे बदलने में वर्षों की मेहनत लगी है।

उन्होंने कहा कि आज देश रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है। एमएसएमई सेक्टर के विस्तार से दुनिया का भारत पर भरोसा बढ़ा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया के कई देशों के साथ ट्रेड डील कर रहा है। हाल के वर्षों में भारत ने 9 बड़े देशों और एकसाथ 27 देशों के समूह के साथ व्यापार समझौते किए हैं, जिनमें यूरोपियन यूनियन और अमेरिका भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय डील बोफोर्स से जुड़ी थी, जबकि आज डील देश के लिए गर्व का विषय है।

उन्होंने कांग्रेस की कार्यान्वयन नीति पर सवाल उठाते हुए नर्मदा डैम का उदाहरण दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि नर्मदा परियोजना की योजना उनके जन्म से पहले बनी थी और इसकी शुरुआत नेहरू के समय हुई, लेकिन उद्घाटन उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद हुआ। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने किसानों के हित में इस परियोजना के लिए तीन दिन का अनशन भी किया था।

प्रधानमंत्री ने बैंकिंग सेक्टर का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 से पहले नेताओं के फोन पर कर्ज दिए जाते थे और गरीब बैंक तक नहीं पहुंच पाते थे। कांग्रेस शासन में बैंकिंग व्यवस्था तबाही के कगार पर थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के प्रयासों से आज नॉन परफॉर्मिंग एसेट यानी एनपीए 1 प्रतिशत से भी नीचे आ गया है और बैंकों का मुनाफा रिकॉर्ड स्तर पर है।