26 साल में बदला छत्तीसगढ़ का बजट: 2,531 करोड़ से बढ़कर 1.65 लाख करोड़ तक पहुंची राज्य की अर्थव्यवस्था

By : hashtagu, Last Updated : February 23, 2026 | 2:35 pm

रायपुर: छत्तीसगढ़ के गठन के बाद पिछले 26 वर्षों में राज्य का बजट (state budget) पूरी तरह बदल गया है। वर्ष 2000-01 में जब राज्य बना था, तब कुल बजट सिर्फ 2,531 करोड़ रुपये का था, जो अब बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 1.65 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह वृद्धि राज्य की मजबूत होती अर्थव्यवस्था और बढ़ते विकास कार्यों का संकेत है।

शुरुआती वर्षों में बजट वृद्धि दर काफी तेज रही। वर्ष 2001-02 में बजट में 125 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। इसके बाद कई वर्षों तक दो अंकों की वृद्धि बनी रही। वर्ष 2014 के बाद बजट के आकार में और तेजी से विस्तार देखने को मिला।

बजट के बढ़ते आकार के साथ विभिन्न विभागों को बड़े स्तर पर आवंटन किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग को 22,356 करोड़ रुपये, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 18,461 करोड़ रुपये और कृषि विभाग को 13,506 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य, ऊर्जा, महिला एवं बाल विकास, खाद्य सुरक्षा और लोक निर्माण विभागों को भी पर्याप्त बजट दिया गया है।

सरकार ने सामाजिक सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया है। कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 8,500 करोड़ रुपये और महतारी वंदन योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

राज्य में प्रति व्यक्ति आय भी लगातार बढ़ी है। वर्ष 2020-21 में प्रति व्यक्ति आय लगभग 1,06,117 रुपये थी, जो 2025-26 में बढ़कर करीब 1.80 लाख रुपये से अधिक होने का अनुमान है।

स्पष्ट है कि 26 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने छोटे बजट वाले राज्य से बड़ी अर्थव्यवस्था की ओर लंबी छलांग लगाई है। बढ़ता बजट राज्य में अधोसंरचना, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और सामाजिक योजनाओं के विस्तार का आधार बना है।