सुप्रीम कोर्ट के आदेश से फिर खुला 22 साल पुराना जग्गी हत्याकांड, बिलासपुर हाईकोर्ट में 1 अप्रैल को होगी अंतिम सुनवाई
By : hashtagu, Last Updated : March 25, 2026 | 2:09 pm
बिलासपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड (Jaggi Murder Case) में एक बार फिर बड़ा मोड़ आया है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश के बाद यह मामला दोबारा बिलासपुर हाईकोर्ट (High Court) में खुल गया है। बुधवार 25 मार्च को चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में इस केस की सुनवाई हुई, जिसमें पीड़ित पक्ष की ओर से सतीश जग्गी भी मौजूद रहे। अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई के लिए 1 अप्रैल की तारीख तय की है।
यह मामला पहले भी हाईकोर्ट में आ चुका है, जहां करीब दो साल पहले दोषियों की अपील खारिज कर उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा गया था। लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की अपील स्वीकार करते हुए केस को दोबारा हाईकोर्ट भेज दिया, ताकि पूरे मामले की मेरिट के आधार पर विस्तृत सुनवाई हो सके।
रामावतार जग्गी हत्याकांड 4 जून 2003 का है, जब एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुल 31 लोगों को आरोपी बनाया गया था। बाद में कुछ आरोपी सरकारी गवाह बन गए, जबकि कई को सजा सुनाई गई। 2007 में रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था, जबकि अन्य आरोपियों को सजा हुई थी।
इस केस की शुरुआती जांच पर पक्षपात के आरोप लगे थे, जिसके बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया। जांच में कई बड़े नाम सामने आए और हत्या को साजिश से जुड़ा बताया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उस समय के राजनीतिक हालात के चलते सबूतों को प्रभावित किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में अहम फैसला देते हुए सीबीआई की अपील को फिर से बहाल किया और कहा कि इतने गंभीर मामले को तकनीकी आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता। इसके बाद ही हाईकोर्ट में इस केस की दोबारा सुनवाई शुरू हुई है।
रामावतार जग्गी छत्तीसगढ़ की राजनीति का बड़ा चेहरा माने जाते थे और उनकी हत्या ने उस समय पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। अब एक बार फिर इस केस के खुलने से प्रदेश की नजरें 1 अप्रैल को होने वाली अंतिम सुनवाई पर टिकी हैं, जहां बड़ा फैसला आने की उम्मीद है।



