छत्तीसगढ़ के 28 करोड़ बैंक घोटाले पर बड़ा एक्शन, मंत्री रामविचार नेताम की पहल के बाद ED करेगी जांच

By : hashtagu, Last Updated : May 9, 2026 | 9:32 pm

रायपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री रामविचार नेताम (Ramvichar Netam) ने किसानों (Farmers) के हितों और भ्रष्टाचार (Corruption) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सरगुजा संभाग के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, अंबिकापुर की शंकरगढ़ और कुसमी शाखाओं में हुए करीब 28 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने की दिशा में अहम कदम उठाया है। इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) और वित्तीय गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं।

आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री रामविचार नेताम ने इस पूरे मामले में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दिया है। बताया जा रहा है कि बैंक कर्मचारियों ने मनरेगा और जनपद पंचायत के नाम पर फर्जी खाते खोलकर किसानों और सरकारी योजनाओं की राशि में करोड़ों रुपये की हेराफेरी की।

मामले की जानकारी मिलने के बाद मंत्री रामविचार नेताम ने तत्काल संज्ञान लेते हुए बलरामपुर-रामानुजगंज के तत्कालीन कलेक्टर और एसपी को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद जांच तेज हुई और कई अहम तथ्य सामने आए।

जांच में खुलासा हुआ कि आदिम जाति सहकारी समिति जमड़ी के नाम पर फर्जी खाता खोलकर करीब 19 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई। इसके अलावा मनरेगा और जनपद पंचायत के नाम पर बोगस खाते बनाकर RTGS के जरिए रकम निजी संस्थाओं के खातों में ट्रांसफर की गई।

मंत्री नेताम की पहल के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, अंबिकापुर को पत्र जारी कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी मांगी है। माना जा रहा है कि ED जांच में कई बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।

अब तक की कार्रवाई में बैंक के 10 कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है। सभी पर धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़ी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।

मंत्री रामविचार नेताम की इस कार्रवाई को किसानों के हितों की रक्षा और भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी पहल माना जा रहा है। प्रदेशभर में उनके इस कदम की चर्चा हो रही है और लोग इसे किसानों के हक की लड़ाई बता रहे हैं।