छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में पूर्व IAS निरंजन दास को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, लेकिन राज्य छोड़ने की शर्त

By : hashtagu, Last Updated : May 26, 2026 | 11:33 am

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला (Liquor Scam) मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी और पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें भ्रष्टाचार (Corruption) और मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) से जुड़े दो मामलों में सशर्त जमानत दे दी है। हालांकि अदालत ने साफ किया है कि फिलहाल उनकी रिहाई कुछ शर्तों के साथ होगी और उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहना होगा।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि मामले में अन्य सह आरोपी पहले ही जमानत पर बाहर हैं और ट्रायल पूरा होने में अभी काफी समय लग सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि निरंजन दास 19 दिसंबर 2025 से जेल में बंद हैं और जांच एजेंसियां उनके खिलाफ जांच पूरी कर चुकी हैं। मामले में चार्जशीट और अभियोजन शिकायत भी दाखिल की जा चुकी है। ऐसे में लंबे समय तक हिरासत में रखना उचित नहीं माना गया।

हालांकि अदालत ने जमानत देते हुए शर्त रखी कि निरंजन दास को छत्तीसगढ़ से बाहर रहना होगा। उन्हें केवल ट्रायल या जांच से जुड़े काम के लिए ही राज्य में आने की अनुमति होगी। कोर्ट ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह बाद में शर्तों में ढील की मांग कर सकते हैं।

ईडी और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा यानी EOW इस मामले की जांच कर रही हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार 2019 से 2023 के बीच छत्तीसगढ़ में शराब नीति के जरिए बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुईं। आरोप है कि राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर मिलीभगत कर सरकारी दुकानों के जरिए अवैध कमीशन वसूला गया, जिससे राज्य सरकार को भारी नुकसान हुआ। ईडी ने इस कथित घोटाले से सरकारी खजाने को करीब 2883 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान बताया है।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान निरंजन दास को इस पूरे कथित नेटवर्क का “किंगपिन” भी बताया गया। आरोप है कि आबकारी नीति तैयार करने और उसे लागू कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि वह अभी मामले के मेरिट पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहा है।