बीजेपी छोड़ने की तैयारी में अन्नामलाई? पार्टी अध्यक्ष से बोले- ‘सौहार्दपूर्ण अलगाव चाहता हूं’
By : hashtagu, Last Updated : June 2, 2026 | 3:14 pm
नई दिल्ली/चेन्नई: तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई (Annamalai) के पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। सूत्रों के अनुसार अन्नामलाई ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात के दौरान कहा कि वह पार्टी से सौहार्दपूर्ण अलगाव (Cordial Separation) चाहते हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह बीजेपी में अपने राजनीतिक भविष्य (Political Future) को लेकर आश्वस्त नहीं हैं और अब नई राह तलाशने के पक्ष में हैं।
सूत्रों के मुताबिक बीजेपी नेतृत्व अभी भी अन्नामलाई को मनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उन्होंने अपना मन लगभग बना लिया है। अन्नामलाई के करीबी लोगों का कहना है कि उन्हें लगता है कि पार्टी में उनके लिए आगे बढ़ने के अवसर सीमित हैं और वह अपनी राजनीतिक सोच के अनुरूप काम नहीं कर पा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार अन्नामलाई ने नई दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और पार्टी महासचिव बी.एल. संतोष से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब उनके बीजेपी छोड़कर नई राजनीतिक पार्टी बनाने की चर्चाएं तेज हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार बीजेपी नेतृत्व ने अन्नामलाई को राज्यसभा भेजने का प्रस्ताव भी दिया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। सूत्रों का दावा है कि अन्नामलाई पहले एक सामाजिक या जनआंदोलन शुरू कर सकते हैं और इसके बाद नई राजनीतिक पार्टी के गठन की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
बताया जा रहा है कि तमिलनाडु में एआईएडीएमके के साथ बीजेपी के गठबंधन और चुनावी रणनीति को लेकर अन्नामलाई की पार्टी नेतृत्व से कुछ मुद्दों पर असहमति रही है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद इन मतभेदों की चर्चा और तेज हो गई है।
अन्नामलाई ने फिलहाल अपने अगले कदम पर सार्वजनिक रूप से कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। दिल्ली रवाना होने से पहले जब उनसे नई पार्टी बनाने की अटकलों पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दो दिन इंतजार कीजिए, उसके बाद वह विस्तार से बात करेंगे।
यदि अन्नामलाई बीजेपी से अलग होकर नई पार्टी बनाते हैं तो यह तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा। पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई पिछले कुछ वर्षों में राज्य की राजनीति में बीजेपी का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं और उनके अगले कदम पर पूरे राजनीतिक गलियारे की नजर बनी हुई है।




