मालाओं से एलर्जी का हवाला देकर डीके शिवकुमार ने समर्थकों से की अपील, बोले- जश्न में संयम रखें

By : hashtagu, Last Updated : May 31, 2026 | 9:57 pm

बेंगलुरु (कर्नाटक): कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद के लिए चुने गए डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) ने अपने समर्थकों से जश्न के दौरान संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक भीड़, फूल-मालाएं (Garlands) और भव्य स्वागत कार्यक्रमों से बचा जाए, क्योंकि उन्हें मालाओं से एलर्जी (Allergy) है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है।

मुख्यमंत्री पद संभालने की तैयारियों के बीच डीके शिवकुमार के समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में उनके समर्थक मिठाइयां बांट रहे हैं, पटाखे फोड़ रहे हैं और बड़े स्तर पर स्वागत की तैयारी कर रहे हैं। इसी बीच शिवकुमार ने एक सार्वजनिक संदेश जारी कर कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि वे सादगी बनाए रखें और अनावश्यक दिखावे से बचें।

डीके शिवकुमार ने कहा कि लोगों का प्यार और समर्थन ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। उन्होंने समर्थकों से अनुरोध किया कि वे फूलों की बड़ी-बड़ी मालाएं पहनाने या अत्यधिक भीड़ जुटाने की बजाय जनता की सेवा और संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें फूलों की मालाओं से एलर्जी है, इसलिए स्वागत के दौरान इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

कांग्रेस नेतृत्व द्वारा सत्ता परिवर्तन के संकेत मिलने के बाद से शिवकुमार के समर्थकों में उत्साह लगातार बढ़ा है। बेंगलुरु सहित कई जिलों में उनके पक्ष में जश्न मनाया जा रहा है। वहीं राजनीतिक गलियारों में इसे कर्नाटक कांग्रेस में बड़े नेतृत्व परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है।

हाल ही में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच हुई मुलाकात की तस्वीरें भी चर्चा में रहीं। दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल और शिवकुमार द्वारा सिद्धारमैया का आशीर्वाद लेने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। इन घटनाक्रमों के बाद शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की अटकलें और तेज हो गई थीं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि डीके शिवकुमार का यह संदेश एक जिम्मेदार नेता की छवि को मजबूत करता है। उन्होंने अपने समर्थकों को यह संकेत भी दिया है कि सत्ता परिवर्तन के इस दौर में अनुशासन और सादगी को प्राथमिकता दी जाए। कर्नाटक की राजनीति में चल रहे इस बड़े बदलाव के बीच अब सभी की नजरें नई सरकार के गठन और शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हुई हैं।