बिलासपुर: गर्मी (Summer) की छुट्टियों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने यात्रियों (Passengers) और बालाजी दर्शनार्थियों (Balaji Devotees) के लिए दो समर स्पेशल ट्रेन (Summer Special Train) चलाने का फैसला किया है। ये ट्रेनें तिरुपति–रक्सौल–तिरुपति और पटना–चर्लपल्ली–पटना रूट पर 8 अप्रैल से 28 मई तक संचालित होंगी।
रेल प्रशासन के मुताबिक, इन ट्रेनों का उद्देश्य यात्रियों को कंफर्म बर्थ उपलब्ध कराना और भीड़ को कम करना है। तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को इससे बड़ी राहत मिलेगी।
तिरुपति–रक्सौल समर स्पेशल ट्रेन (07051/07052) के कुल 7 फेरे तय किए गए हैं। ट्रेन संख्या 07051 तिरुपति से हर सोमवार को 13, 20, 27 अप्रैल और 4, 11, 18, 25 मई को रवाना होगी। वहीं, वापसी में ट्रेन संख्या 07052 रक्सौल से हर गुरुवार को 16, 23, 30 अप्रैल और 7, 14, 21, 28 मई को तिरुपति के लिए चलेगी।
इस ट्रेन में कुल 24 कोच होंगे, जिनमें 3 एसी-2 टियर, 5 एसी-3 टियर, 10 स्लीपर और 6 जनरल कोच शामिल हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत यह ट्रेन गोंदिया, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर और झारसुगुड़ा जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी।
टाइम टेबल के अनुसार, तिरुपति से ट्रेन सुबह 08:15 बजे रवाना होगी और तीसरे दिन शाम 5 बजे रक्सौल पहुंचेगी। वहीं वापसी में रक्सौल से ट्रेन सुबह 03:15 बजे चलेगी और तीसरे दिन सुबह 09:30 बजे तिरुपति पहुंचेगी।
इसके अलावा पटना–चर्लपल्ली–पटना समर स्पेशल ट्रेन के कुल 15-15 फेरे निर्धारित किए गए हैं। ट्रेन संख्या 03253 पटना से 8 अप्रैल से 27 मई तक हर सोमवार और बुधवार को दोपहर 3 बजे रवाना होगी और तीसरे दिन सुबह 03:30 बजे चर्लपल्ली पहुंचेगी।
वापसी में ट्रेन संख्या 03254 हर बुधवार रात 11 बजे चर्लपल्ली से चलेगी और तीसरे दिन सुबह 11:30 बजे पटना पहुंचेगी। वहीं ट्रेन संख्या 03255 हर शुक्रवार रात 9 बजे चर्लपल्ली से रवाना होकर रविवार सुबह 9:30 बजे पटना पहुंचेगी।
इन ट्रेनों में 22 कोच की व्यवस्था होगी, जिसमें एसएलआरडी, जनरल, स्लीपर, एसी-3 और एसी-3 इकोनॉमी कोच शामिल रहेंगे। ये ट्रेनें तारेगना, गया, कोडरमा, बोकारो, रांची, राउरकेला, बिलासपुर, रायपुर, नागपुर समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेंगी।
रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे ट्रेन की समय-सारिणी और रियल टाइम स्टेटस के लिए NTES ऐप का उपयोग करें, जहां सभी जानकारी उपलब्ध रहेगी।