नई दिल्ली: अगर आप ट्रेन यात्रा के दौरान घी (Ghee), तेल (Oil) या अन्य ऑयली सामान लेकर सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो Indian Railways के नियम जानना बेहद जरूरी है। रेलवे ने साफ किया है कि यात्री ट्रेन में अधिकतम 20 किलो तक घी ले जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए पैकिंग के सख्त नियम लागू हैं।
रेलवे नियमों के मुताबिक घी को केवल अच्छी तरह बंद टिन (Tin) या लीक प्रूफ कंटेनर में पैक करके ही ले जाने की अनुमति है। अगर पैकिंग सही नहीं हुई या मात्रा तय सीमा से ज्यादा पाई गई, तो रेलवे अधिकारी आपत्ति कर सकते हैं। रेलवे का कहना है कि तेल और घी जैसे पदार्थ यात्रा के दौरान लीक होने पर यात्रियों के सामान को नुकसान पहुंचा सकते हैं और कोच में फिसलन या सुरक्षा खतरा भी पैदा कर सकते हैं।
West Central Railway की वेबसाइट पर भी साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि ऑयली सामान जैसे तेल, घी और पेंट सामान्य तौर पर लगेज में स्वीकार नहीं किए जाते। हालांकि, 20 किलो तक घी को सुरक्षित टिन पैकिंग के साथ ले जाने की अनुमति दी गई है।
रेलवे ने यह भी बताया है कि ट्रेन में कई खतरनाक सामान पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। इनमें पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर, पटाखे, एसिड, ज्वलनशील पदार्थ और विस्फोटक सामग्री शामिल हैं। रेलवे का कहना है कि ऐसे सामान यात्रियों और ट्रेन सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।
इसके साथ ही Indian Railways ने यात्रियों के लिए सामान ले जाने की वजन सीमा भी तय कर रखी है। AC First Class में यात्री 70 किलो तक सामान मुफ्त ले जा सकते हैं। AC 2 Tier में 50 किलो, AC 3 Tier और Sleeper Class में 40 किलो तथा Second Sitting में 35 किलो तक सामान ले जाने की अनुमति है। तय सीमा से ज्यादा सामान होने पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रा के दौरान ढीली पैकिंग वाले तेल या घी के कंटेनर से बचना चाहिए। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे केवल मजबूत और लीक प्रूफ कंटेनर का ही इस्तेमाल करें ताकि सफर सुरक्षित और परेशानी मुक्त रहे।