बस्तर में नक्सलवाद पर बड़ी सफलता: 108 माओवादी कैडर ने किया आत्मसमर्पण, विकास की नई सुबह

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार यह आत्मसमर्पण बस्तर में शांति और सामाजिक विकास के लिए किए जा रहे कदमों का हिस्सा है।

  • Written By:
  • Updated On - March 11, 2026 / 08:09 PM IST

बस्तर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री कार्यालय (Chhattisgarh CMO) ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में 108 माओवादी (Maoist) कैडरों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे नक्सलवाद (Naxalism) पर मिली बड़ी सफलता और विकास की नई शुरुआत का प्रतीक बताया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि “बदलते बस्तर में अब बंदूक नहीं, विकास की आवाज़ गूंज रही है।”

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार यह आत्मसमर्पण बस्तर में शांति और सामाजिक विकास के लिए किए जा रहे कदमों का हिस्सा है। यह घटना राज्य सरकार की नक्सलवाद के खात्मे और शांति स्थापना के प्रति दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।

अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडरों को पुनर्वास योजना (Rehabilitation Plan) के तहत सामाजिक और आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस कदम से बस्तर में सुरक्षा और विकास दोनों को एक नई दिशा मिलेगी।

सरकार ने कहा कि अब बस्तर में शांति और विकास की आवाज़ गूंज रही है, और क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि यह आत्मसमर्पण भविष्य में बस्तर को नक्सल-रहित और समृद्ध बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।