कोलकाता: पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम (EVM Strong Room) को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए करीब चार घंटे तक वहां डेरा डाले रखा। यह घटना दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के काउंटिंग सेंटर (Counting Centre) की है, जहां ईवीएम मशीनें सुरक्षित रखी गई हैं।
ममता बनर्जी गुरुवार शाम अचानक सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं। उनके साथ पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता और चुनाव एजेंट भी मौजूद थे। उन्होंने आशंका जताई कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ हो सकती है और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। इसी कारण उन्होंने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने का फैसला किया।
शुरुआत में सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोका, लेकिन बाद में अनुमति मिलने के बाद वह स्ट्रॉन्ग रूम के भीतर गईं और करीब चार घंटे तक वहीं मौजूद रहीं। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली की पूरी जानकारी ली।
रात करीब 12 बजे के बाद बाहर निकलते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के वोट की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी तरह की गड़बड़ी की कोशिश हुई तो उनकी पार्टी कड़ा विरोध करेगी।
उन्होंने सुझाव दिया कि काउंटिंग सेंटर में निगरानी और मजबूत की जाए और सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए, ताकि किसी तरह का संदेह न रहे।
इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने शहर के अन्य स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि बिना जानकारी के अंदर गतिविधियां हो रही हैं। इससे इलाके में सियासी माहौल और गरमा गया।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सभी ईवीएम मशीनें पूरी सुरक्षा और निर्धारित नियमों के तहत सील करके रखी गई हैं और किसी भी तरह की छेड़छाड़ की संभावना नहीं है।
वहीं, विपक्षी दलों, खासकर बीजेपी ने ममता बनर्जी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करार दिया है।
गौरतलब है कि राज्य में हाल ही में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान पूरा हुआ है और मतगणना कुछ दिनों बाद होनी है। ऐसे में नतीजों से पहले ही सियासी बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, जिससे राज्य का राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है।