किंग चार्ल्स के ‘रूखे स्वागत’ पर घिरे जोहरान मामदानी, कोहिनूर टिप्पणी से बढ़ा विवाद

जानकारी के मुताबिक, किंग चार्ल्स के न्यूयॉर्क दौरे से पहले मामदानी ने कहा था कि यदि उन्हें मौका मिला तो वह कोहिनूर हीरे को भारत वापस करने की मांग उठाएंगे।

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  • Publish Date - May 1, 2026 / 12:23 PM IST

न्यूयॉर्क: न्यूयॉर्क (New York) के मेयर जोहरान मामदानी (Zohran Mamdani) किंग चार्ल्स तृतीय (King Charles III) के दौरे के दौरान अपने कथित ‘रूखे स्वागत’ (Rude Welcome) और कोहिनूर हीरे (Koh-i-Noor Diamond) को लेकर दिए बयान की वजह से विवादों में आ गए हैं। उनके इस रुख ने कूटनीति (Diplomacy) और औपनिवेशिक इतिहास (Colonial History) से जुड़े मुद्दों को फिर से चर्चा में ला दिया है।

जानकारी के मुताबिक, किंग चार्ल्स के न्यूयॉर्क दौरे से पहले मामदानी ने कहा था कि यदि उन्हें मौका मिला तो वह कोहिनूर हीरे को भारत वापस करने की मांग उठाएंगे। उनका यह बयान ऐसे समय में आया जब राजा का यह दौरा औपचारिक कार्यक्रमों और 9/11 स्मारक पर श्रद्धांजलि जैसे संवेदनशील अवसरों से जुड़ा हुआ था।

किंग चार्ल्स के न्यूयॉर्क पहुंचने पर मामदानी उनसे मिले, लेकिन यह मुलाकात काफी संक्षिप्त और औपचारिक रही। इसी को लेकर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि मेयर ने राजा का अपेक्षित तरीके से स्वागत नहीं किया और उनका व्यवहार ठंडा रहा।

इस पूरे मामले पर अमेरिकी मीडिया और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। आलोचकों का कहना है कि एक संवेदनशील मौके पर इस तरह का बयान देना और औपनिवेशिक मुद्दा उठाना कूटनीतिक मर्यादा के खिलाफ है। कुछ ने इसे असम्मानजनक बताया, जबकि कुछ ने कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर असर पड़ सकता है।

वहीं, कोहिनूर हीरा लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। यह हीरा भारत से जुड़ा हुआ है और फिलहाल ब्रिटिश शाही ताज का हिस्सा है। भारत समेत कई देशों द्वारा इसे वापस करने की मांग समय-समय पर उठाई जाती रही है।

मामदानी के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। जहां एक ओर कुछ लोग इसे ऐतिहासिक न्याय की मांग मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग इसे गलत समय पर उठाया गया विवाद बता रहे हैं।

फिलहाल, यह मामला राजनीतिक और कूटनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है और आने वाले समय में इस पर और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।