भारतमाला घोटाला बैकडेट में जमीन बंटांकन कर मुआवजा खेल रायपुर महासमुंद में ED की बड़ी कार्रवाई

ED की जांच में सामने आया है कि कुछ अधिकारियों और प्राइवेट लोगों ने साजिश के तहत जमीन के सीमांकन और बंटवारे की तारीख को पीछे दिखाया।

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  • Publish Date - January 1, 2026 / 12:41 PM IST

रायपुर, छत्तीसगढ़: भारतमाला प्रोजेक्ट (Bharatmala Project) के तहत रायपुर से विशाखापत्तनम हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण में हुए बड़े मुआवजा घोटाले का खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में जांच तेज करते हुए 29 दिसंबर को रायपुर और महासमुंद में एक साथ 9 ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान करीब 40 लाख रुपए नकद डिजिटल डिवाइस और जमीन से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

ED की जांच में सामने आया है कि कुछ अधिकारियों और प्राइवेट लोगों ने साजिश के तहत जमीन के सीमांकन और बंटवारे की तारीख को पीछे दिखाया। कागजों में यह दर्शाया गया कि जमीन का बंटवारा अधिग्रहण से पहले ही हो चुका था जबकि असल में यह प्रक्रिया बाद में की गई। इसका मकसद ज्यादा मुआवजा हासिल करना था।

यह कार्रवाई ACB EOW रायपुर में दर्ज FIR के आधार पर की गई है। इस FIR में तत्कालीन सब डिविजनल ऑफिसर राजस्व निर्भय साहू सहित कई अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। सभी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की अलग अलग धाराओं के तहत केस दर्ज है।

जांच एजेंसी के अनुसार आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से भारतमाला प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर किया। जमीन के बड़े टुकड़ों को परिवार के सदस्यों और करीबियों के नाम पर छोटे हिस्सों में बांट दिया गया ताकि हर हिस्सेदार के नाम अलग अलग मुआवजा स्वीकृत कराया जा सके। इस तरीके से सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ।

तलाशी के दौरान ED को मोबाइल फोन लैपटॉप पेनड्राइव जैसे कई डिजिटल सबूत मिले हैं। साथ ही अपराध की आय से खरीदी गई कुछ चल और अचल संपत्तियों की भी पहचान की गई है जिन्हें जल्द अटैच किया जा सकता है। एजेंसी का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में इस घोटाले में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

ED के अनुसार जमीन अधिग्रहण मुआवजा तय करने और भुगतान प्रक्रिया में कई स्तर पर गड़बड़ियां की गईं। जांच के दायरे में प्राइवेट कारोबारी हरमीत सिंह खनूजा उनके सहयोगी कुछ सरकारी अधिकारी और जमीन मालिक शामिल हैं। मुआवजे के वितरण से जुड़े नियमों के उल्लंघन और संदिग्ध लेनदेन को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।