बीजापुर में 46 लाख के इनामी 12 नक्सलियों का सरेंडर, 8 महिला नक्सली भी शामिल, हथियारों का बड़ा जखीरा सौंपा

आत्मसमर्पण करने वालों में कई कुख्यात नक्सली नेता भी शामिल हैं। मंडल समिति सदस्य और कटेकल्याण एरिया कमेटी के प्रभारी सोमादु मदकम (42) पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

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  • Publish Date - February 5, 2026 / 07:48 PM IST

बीजापुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलवाद (Naxalism) के खिलाफ चल रही मुहिम में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बस्तर पुलिस की ‘पूना मार्गेम’ (Puna Margem) यानी पुनर्वास और सामाजिक पुनर्एकीकरण की नीति से प्रभावित होकर 8 महिलाओं समेत कुल 12 नक्सलियों (Naxals) ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण (Surrender) किया है। इन सभी नक्सलियों पर कुल 46 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली माओवादियों (Maoists) के दक्षिण उप-क्षेत्रीय ब्यूरो से जुड़े हुए थे और लंबे समय से सक्रिय थे।

आत्मसमर्पण करने वालों में कई कुख्यात नक्सली नेता भी शामिल हैं। मंडल समिति सदस्य और कटेकल्याण एरिया कमेटी के प्रभारी सोमादु मदकम (42) पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसके अलावा पार्टी सदस्य हुंगी कुंजाम (19) और पयाकी कुंजाम (22) पर भी 8-8 लाख रुपये का इनाम था। पुलिस के अनुसार तीन अन्य नक्सलियों पर 5-5 लाख रुपये, एक नक्सली पर 2 लाख रुपये और पांच अन्य कैडरों पर 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सभी ने हिंसा का रास्ता छोड़कर अब मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है।

नक्सलियों ने आत्मसमर्पण के दौरान हथियारों और विस्फोटकों (Explosives) का बड़ा जखीरा भी पुलिस को सौंपा। इनमें एक एके-47 राइफल, दो सेल्फ लोडिंग राइफल (SLR), 250 जिलेटिन स्टिक, 400 डेटोनेटर, बारूद से भरा एक प्लास्टिक ड्रम और कॉर्डेक्स वायर का एक बंडल शामिल है। इतनी बड़ी मात्रा में हथियारों और विस्फोटकों का सरेंडर होना संगठन की कमजोर होती स्थिति को दर्शाता है।

पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को शासन की आत्मसमर्पण नीति के तहत तत्काल 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य इन लोगों को समाज से जोड़कर सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है।

बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि माओवादी संगठन तेजी से कमजोर हो रहा है। दुर्गम इलाकों में सुरक्षा शिविरों की स्थापना, सड़कों के निर्माण और लगातार अभियानों के कारण नक्सलियों का आधार क्षेत्र सिमटता जा रहा है। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2024 से अब तक बीजापुर जिले में 888 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, 1,163 नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं और 231 मुठभेड़ों में मारे गए हैं। केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक देश से नक्सलवाद के पूरी तरह खात्मे का लक्ष्य तय किया है।