रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को अमानक दवाइयों (Substandard Medicines), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और इंद्रावती टाइगर रिजर्व (Indravati Tiger Reserve) में बाघों के शिकार (Tiger Poaching) के मुद्दों पर सरकार से तीखे सवाल पूछे गए। विपक्ष ने स्वास्थ्य, सड़क और वन विभाग से जुड़े मामलों में जवाब मांगा, जिस पर संबंधित मंत्रियों ने सदन में अपना पक्ष रखा।
कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने सवाल उठाया कि गुजरात की यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड की रिजेक्टेड और अमानक दवाइयों की खरीद छत्तीसगढ़ में क्यों की गई। उन्होंने पूछा कि गुजरात में प्रतिबंधित एस्पिरिन टैबलेट्स आईपी की खरीद सीजीएमएससी द्वारा क्यों की गई। इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि गुजरात में जिस उत्पाद पर प्रतिबंध लगाया गया था, उसकी खरीद छत्तीसगढ़ में नहीं की गई। उन्होंने बताया कि किसी कंपनी की दो दवाएं प्रतिबंधित होने पर ही उसके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। करीब 6 करोड़ रुपए की अनकोटेड दवा खरीदे जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में गुणवत्ता जांच में 24 दवाएं फेल हुई हैं और चार कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पूछा कि गुजरात से अलग नीति क्यों अपनाई जा रही है, जिस पर मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नियमानुसार कार्रवाई कर रही है और प्रतिबंधित दवा की खरीद नहीं हुई है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को लेकर विधायक प्रबोध मिंज ने पूछा कि उनके क्षेत्र की 31 सड़कों में से केवल एक सड़क की मरम्मत का प्रावधान बजट में क्यों रखा गया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जवाब दिया कि 31 में से 25 सड़कों का पहले ही नवीनीकरण हो चुका है और छह सड़कों को मरम्मत की जरूरत है, जिनमें से दो सड़कों के लिए प्रावधान किया गया है। इसके बाद द्वारकाधीश यादव, भावना बोहरा, दलेश्वर साहू, कुंवर निषाद, धरमलाल कौशिक, रायमुनी भगत और नीलकंठ टेकाम सहित कई विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की सड़कों की स्थिति को लेकर सवाल उठाए। विजय शर्मा ने कहा कि सभी क्षेत्रों की सड़कों का आकलन कर आवश्यकता के अनुसार मरम्मत कराई जाएगी। चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि इतने विधायकों द्वारा एक साथ सवाल उठाए जाने से यह राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बन गया है। इस पर विजय शर्मा ने कहा कि सरकार समस्याओं से भागने वाली नहीं है और परिस्थितियों के अनुसार काम किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि अब सड़कों का आकलन मैनुअल तरीके से नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से किया जाएगा। सड़क का वीडियो रिकॉर्ड करने पर एआई गड्ढों और मरम्मत की आवश्यकता का स्वतः आकलन करेगा और यह सुविधा एक संस्था नि:शुल्क उपलब्ध कराएगी।
इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार के मामले पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पूछा कि गिरफ्तार आईबी जवान का नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया और क्या इसके पीछे कोई राजनीतिक संरक्षण है। उन्होंने यह भी कहा कि अलर्ट जारी होने के बावजूद लापरवाही बरती गई और टाइगर रिजर्व में कैमरे दो घंटे तक बंद रहे। वन मंत्री केदार कश्यप ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि किसी को बचाने की कोशिश नहीं की गई है और न ही किसी का नाम छिपाया गया है। उन्होंने बताया कि टाइगर रिजर्व में लगाए गए 126 कैमरे पूरी तरह कार्यरत थे। सरकार के अनुसार वर्ष 2022 के आकलन में इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पांच बाघों की पुष्टि हुई थी। छह बाघों की खाल बरामद हुई है, लेकिन यह प्रमाणित नहीं है कि वे सभी इसी रिजर्व के बाघों की थीं। मंत्री ने बताया कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व के संरक्षण और संचालन पर हर वर्ष करीब 10 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।