स्टैनफोर्ड में सुंदर पिचाई के भाषण का छात्रों ने किया बहिष्कार, इजराइल-गूगल डील के विरोध में सैकड़ों छात्र वॉकआउट कर बाहर निकले

रविवार को स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के 135वें दीक्षांत समारोह में सुंदर पिचाई मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए थे।

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  • Updated On - June 15, 2026 / 01:17 PM IST

कैलिफोर्निया (अमेरिका): स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह (Commencement Ceremony) के दौरान गूगल (Google) और अल्फाबेट (Alphabet) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुंदर पिचाई के मंच पर आते ही छात्रों के एक बड़े समूह ने विरोध प्रदर्शन करते हुए वॉकआउट (Walkout) कर दिया। छात्रों ने गूगल की इजराइल सरकार के साथ क्लाउड कंप्यूटिंग (Cloud Computing) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence-AI) से जुड़ी डील का विरोध जताया।

रविवार को स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के 135वें दीक्षांत समारोह में सुंदर पिचाई मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए थे। जैसे ही उन्होंने अपना संबोधन शुरू किया, 100 से अधिक छात्र अपनी सीटों से उठकर बाहर निकल गए और “फ्री, फ्री फिलिस्तीन” के नारे लगाए। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि उनका विरोध गूगल की इजराइल सरकार के साथ चल रही “प्रोजेक्ट निम्बस” परियोजना को लेकर है।

प्रोजेक्ट निम्बस 1.2 अरब डॉलर का क्लाउड कंप्यूटिंग और एआई अनुबंध है, जिसे इजराइल सरकार ने गूगल और अमेजन को दिया है। विरोध करने वाले छात्र संगठनों का आरोप है कि यह परियोजना इजराइली सरकारी गतिविधियों को तकनीकी सहायता प्रदान करती है। इसी मुद्दे को लेकर स्टैनफोर्ड के कई छात्र संगठन पिछले कई सप्ताह से अभियान चला रहे थे और उन्होंने पहले ही वॉकआउट की घोषणा कर दी थी।

रिपोर्टों के अनुसार कुछ छात्रों ने पिचाई के भाषण के दौरान हूटिंग भी की, जबकि कई छात्र फिलिस्तीनी झंडे लेकर समारोह से बाहर निकल गए। विरोध के बावजूद कार्यक्रम जारी रहा और सुंदर पिचाई ने अपना संबोधन पूरा किया। उन्होंने अपने भाषण में छात्रों को आशावादी रहने और जीवन में आगे बढ़ते रहने का संदेश दिया।

सुंदर पिचाई स्वयं स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने वर्ष 1995 में विश्वविद्यालय से मैटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री प्राप्त की थी। 31 वर्ष बाद वह अपने पुराने विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह के मुख्य वक्ता के रूप में लौटे थे।

यह विरोध ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका के कई विश्वविद्यालयों में गाजा युद्ध और फिलिस्तीन से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्र आंदोलन तेज हुए हैं। स्टैनफोर्ड में हुआ यह प्रदर्शन भी उसी व्यापक छात्र आंदोलन का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें बड़ी टेक कंपनियों और उनकी सरकारी साझेदारियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

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