परीक्षा पे चर्चा 2026 में छत्तीसगढ़ का डंका, पालक सहभागिता में देश में नंबर वन, 25.16 लाख से ज्यादा पंजीयन

By : hashtagu, Last Updated : January 4, 2026 | 11:49 pm

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की पहल “परीक्षा पे चर्चा 2026” में छत्तीसगढ़ ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पालकों की सहभागिता के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में पहले स्थान पर रहा है। अब तक राज्य से कुल 25.16 लाख प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 22.75 लाख विद्यार्थी, 1.55 लाख शिक्षक और 81,533 पालक शामिल हैं। कुल पंजीयन के मामले में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर चौथे स्थान पर है।

पालक सहभागिता में छत्तीसगढ़ की यह उपलब्धि पूरे देश के लिए मिसाल बनी है। बलौदाबाजार जिले से 14,658 और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से 9,952 पालकों ने पंजीयन कराया है। यह आंकड़े अभिभावकों की बढ़ती जागरूकता, शिक्षा के प्रति रुचि और सरकारी अभियानों पर भरोसे को दर्शाते हैं।

राज्य में अपनाई गई नवाचारपूर्ण रणनीतियों के चलते यह सफलता मिली है। जिला स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकों के जरिए सहभागिता बढ़ाई गई। शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों पर ऑन-साइट पंजीयन की सुविधा दी गई। युवा क्लबों और “अंगना म शिक्षा कार्यक्रम” के माध्यम से समुदाय को बड़े स्तर पर जोड़ा गया।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में आयोजित “परीक्षा पे चर्चा मेला” से एक ही दिन में 10 हजार से अधिक पंजीयन दर्ज किए गए। इससे पहले प्रतिदिन औसतन करीब 1500 पंजीयन हो रहे थे। पहले आयोजित शिक्षक-पालक सम्मेलन और मेगा पीटीएम से भी पालकों की सक्रियता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।

पिछले वर्ष “परीक्षा पे चर्चा” में शामिल रही छात्रा युक्तामुखी ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस वर्ष अधिक से अधिक विद्यार्थियों से पंजीयन कर सवाल पूछने की अपील की है। उनके अनुभव और संदेश से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ रहा है।

शिक्षकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण स्थलों पर ही पंजीयन की व्यवस्था की गई। प्रशिक्षण के दौरान पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया, जिससे बड़ी संख्या में शिक्षकों ने पंजीयन कराया।

“परीक्षा पे चर्चा 2026” के लिए पंजीयन प्रक्रिया 11 जनवरी 2026 तक खुली रहेगी। राज्य सरकार को उम्मीद है कि छत्तीसगढ़ 30 लाख से अधिक पंजीयन का लक्ष्य जल्द हासिल कर लेगा।

“परीक्षा पे चर्चा” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वार्षिक संवाद कार्यक्रम है, जिसमें वे विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों से सीधे संवाद करते हैं। इसका उद्देश्य परीक्षा को तनाव नहीं, बल्कि उत्सव के रूप में देखना और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है। यह पहल अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि परीक्षा पे चर्चा 2026 में छत्तीसगढ़ की यह उपलब्धि विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। पालक सहभागिता में पहला और कुल पंजीयन में चौथा स्थान यह दर्शाता है कि राज्य में शिक्षा को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ी है। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ 30 लाख से अधिक पंजीयन का लक्ष्य हासिल करेगा और परीक्षा को तनावमुक्त बनाने का यह अभियान और मजबूत होगा।