रायपुर (छत्तीसगढ़): मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Vishnu Deo Sai) ने गुरुवार रात अचानक सभी मंत्रियों को रात 9 बजे मुख्यमंत्री निवास में बैठक के लिए बुलाया। अचानक मिले बुलावे के बाद कई मंत्रियों ने अपने तय कार्यक्रम रद्द किए और तत्काल रायपुर पहुंचे। बैठक को लेकर प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गईं, हालांकि सरकार की ओर से इसे केवल राजनीतिक अटकल बताया गया।
जानकारी के मुताबिक बैठक में राज्य सरकार के ढाई साल के कार्यकाल की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों से उनके विभागों के कामकाज, उपलब्धियों और योजनाओं की प्रगति का फीडबैक लिया। साथ ही आगामी ढाई साल के लिए सरकार की कार्ययोजना को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न विभागों से सुझाव लिए गए और विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया गया।
बैठक में सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय (Coordination) और तालमेल (Coordination) को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से जनहित योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और जनता तक सरकार की उपलब्धियां पहुंचाने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मंत्री केदार कश्यप, गुरु खुशवंत साहेब, लक्ष्मी राजवाड़े, दयाल दास बघेल, टंकराम वर्मा, लखन लाल देवांगन और श्याम बिहारी जायसवाल सहित कई मंत्री शामिल हुए। वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा भी बैठक में मौजूद रहे।
पिछले कई दिनों से राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा अचानक बुलाई गई इस बैठक ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी। हालांकि बैठक में किसी प्रकार के फेरबदल को लेकर आधिकारिक चर्चा की पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि कई मंत्री दिनभर अपने प्रभार वाले जिलों और विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में व्यस्त थे। देर शाम उन्हें तत्काल रायपुर पहुंचने के निर्देश मिले। निर्देश मिलते ही मंत्री राजेश अग्रवाल सरगुजा से रायपुर के लिए रवाना हुए।
वहीं मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में आयोजित एक कार्यक्रम को बीच में छोड़कर सीधे रायपुर पहुंचे। देर रात तक चली इस बैठक को सरकार की आगामी रणनीति और संगठनात्मक समन्वय के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।