बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) ने बिलासपुर में पहली बार तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार मार्च 2026 तक राज्य को पूरी तरह से नक्सलमुक्त बना देगी। सीएम साय ने राज्य की पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर पदक देने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है और इससे निपटने के लिए सरेंडर नक्सलियों के पुनर्वास, बस्तर कैफे और नियद नेल्ला नार जैसे योजनाओं के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को और तेज किया जाएगा।
साथ ही, मुख्यमंत्री ने रायपुर को IT-AI (Information Technology and Artificial Intelligence), फार्मा और मेडिकल हब बनाने की योजना की घोषणा की। इस दिशा में काम शुरू हो चुका है और राज्य सरकार इसे जल्द साकार करेगी।
यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी 2001 से 2003 तक गणतंत्र दिवस के मौके पर बिलासपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराते रहे हैं। इस बार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बिलासपुर के पुलिस ग्राउंड में तिरंगा फहराने वाले राज्य के दूसरे मुख्यमंत्री बने हैं।
इसके अलावा, राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बस्तर और विजय शर्मा ने सरगुजा में ध्वजारोहण किया। जांजगीर-चांपा में मंत्री ओपी चौधरी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। वहीं, दुर्ग साइंस कॉलेज से प्रभात रैली भी निकाली गई, जिसमें प्राचार्य, स्टाफ और एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया।
इस दिन की खासियत यह थी कि राज्यभर में तिरंगा उत्सव के साथ-साथ नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ के अभियान को लेकर सरकार के संकल्प को भी बल मिला।
आज 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर न्यायधानी बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तिंरगा फहराया और परेड की सलामी लेकर वीर जवानों के राष्ट्र के प्रति समर्पण, सेवा और कर्तव्य के संकल्प को नमन किया।… pic.twitter.com/PgoGOaqcmo
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) January 26, 2026