बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के केंद्रीय विश्वविद्यालय गुरु घासीदास विश्वविद्यालय ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपनी डिग्री, मार्कशीट और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों में ‘India’ की जगह ‘Bharat’ शब्द का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि अब भविष्य में जारी होने वाले सभी शैक्षणिक दस्तावेजों और आधिकारिक पत्राचार में भारत (Bharat) शब्द को प्राथमिकता दी जाएगी।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्णय देश की सांस्कृतिक पहचान और परंपरागत नाम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने कहा कि जी-20 सम्मेलन के दौरान भी ‘भारत’ शब्द का व्यापक उपयोग किया गया था और उसी भावना के अनुरूप विश्वविद्यालय ने यह कदम उठाया है।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय की डिग्रियों, अंकसूचियों, प्रमाण पत्रों और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों में अब ‘India’ के स्थान पर ‘Bharat’ लिखा जाएगा। इसके साथ ही संस्थान के आधिकारिक संचार और प्रशासनिक दस्तावेजों में भी इसी बदलाव को लागू किया जाएगा।
गुरु घासीदास विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालय है, जिसे वर्ष 2009 में केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिला था। यह विश्वविद्यालय प्रदेश के सबसे बड़े उच्च शिक्षण संस्थानों में से एक माना जाता है और यहां हजारों विद्यार्थी अध्ययन करते हैं।
हाल के समय में देश के कई विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में भी ‘India’ की जगह ‘Bharat’ शब्द के उपयोग को लेकर पहल की गई है। कुछ विश्वविद्यालयों ने डिग्री और मार्कशीट में यह बदलाव लागू करने के लिए प्रस्ताव भी पारित किए हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह बदलाव केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को सम्मान देने का प्रयास है। आने वाले समय में नए विद्यार्थियों को जारी होने वाले दस्तावेजों में यह परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।