नक्सल मुक्त बस्तर के बाद फोर्स वापसी की तैयारी, पहले IED हटाना सबसे बड़ी चुनौती
By : hashtagu, Last Updated : April 5, 2026 | 8:46 pm
By : hashtagu, Last Updated : April 5, 2026 | 8:46 pm
बस्तर: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बस्तर (Bastar) में नक्सलवाद (naxalism) के खात्मे के बाद अब सुरक्षा बलों (security forces) की वापसी की तैयारी की जा रही है, लेकिन उससे पहले जमीन में दबे IED (Improvised Explosive Device) यानी विस्फोटकों को हटाना सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री विजय शर्मा ने रविवार को इस मुद्दे पर कहा कि ऑपरेशन खत्म होने के तुरंत बाद फोर्स हटाना सही नहीं होगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे किसी ऑपरेशन के बाद तुरंत डॉक्टर हटाना ठीक नहीं होता, वैसे ही बस्तर में अभी फोर्स की जरूरत बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि बस्तर की जमीन के नीचे अभी भी बड़ी संख्या में IED दबे हुए हैं, जिन्हें हटाने के लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है और यह काम फिलहाल सुरक्षा बल लगातार कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य नक्सल मुक्त बस्तर के साथ-साथ IED मुक्त बस्तर बनाना है और इस दिशा में अगले एक साल तक काम जारी रहेगा।
उपमुख्यमंत्री ने नक्सल मुक्त गांवों को दी जाने वाली एक करोड़ रुपये की सहायता राशि को लेकर बताया कि अब तक दो गांवों को यह मदद दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना पंचायत के प्रस्ताव के आधार पर लागू होती है और उन्हीं गांवों को लाभ मिलता है, जिन्होंने वास्तव में नक्सलवाद के खिलाफ काम किया है।
नक्सलियों से बरामद करीब 10 किलो सोने के मामले पर विजय शर्मा ने कहा कि यह जांच का विषय है और फिलहाल इस पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने बताया कि यह एक डंप है और पूरी तरह जांच के दायरे में है।
नक्सल ऑपरेशन पर उन्होंने कहा कि पहले बस्तर के कई गांवों में स्कूल, अस्पताल, बिजली, सड़क, आंगनबाड़ी और मोबाइल टावर जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन अब सरकार तेजी से इन क्षेत्रों में विकास कार्य कर रही है।
अर्बन नक्सल के मुद्दे पर उन्होंने साफ कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है—हथियार छोड़कर संविधान के दायरे में आना ही एकमात्र रास्ता है।
सशस्त्र नक्सलवाद के समापन पर युवा मोर्चा के साथियों ने खुशियाँ मनाईं… pic.twitter.com/JQSX5GaNHA
— Vijay sharma (@vijaysharmacg) April 4, 2026