साय कैबिनेट के 11 बड़े फैसले: Ease of Doing Business कानून, GST-VAT संशोधन, निजी विश्वविद्यालय और NRDA OTS योजना को मंजूरी

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की ओर से केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (CPSUs) से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान के लिए डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी है।

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  • Publish Date - July 8, 2026 / 08:43 PM IST

रायपुर (छत्तीसगढ़)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में 11 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने उद्योग, निवेश, शिक्षा, बिजली, कर व्यवस्था, पर्यावरण और किरायेदारी से जुड़े कई बड़े फैसले लिए। सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से राज्य में व्यापार को आसान बनाने, निवेश बढ़ाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल करने में मदद मिलेगी।

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की ओर से केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (CPSUs) से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान के लिए डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी है। इससे एनटीपीसी समेत अन्य केंद्रीय कंपनियों से बिजली की आपूर्ति लगातार बनी रहेगी और राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा।

बैठक में छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स) की भर्ती और सेवा शर्तों से जुड़े नियम-2026 में संशोधन को मंजूरी दी गई। सरकार ने कहा कि इससे भर्ती प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक-2026 को भी स्वीकृति दी। संशोधन के तहत निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के नियमों को अधिक व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण बनाया जाएगा। साथ ही छात्रों के हितों की सुरक्षा के लिए रक्षित निधि (Reserve Fund) का नया प्रावधान किया गया है।

सरकार ने छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (VAT) संशोधन विधेयक-2026 को मंजूरी देते हुए वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त करने का फैसला लिया है। इसके बाद लंबित मामलों को राजस्व मंडल में स्थानांतरित किया जाएगा।

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (GST) संशोधन विधेयक-2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत जीएसटी अनुपालन और रिफंड प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जाएगा। इससे विशेष रूप से निर्यातकों और उद्योगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक-2026 को मंजूरी देते हुए निवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निवेशकों के अनुकूल बनाने का निर्णय लिया गया। सरकार का उद्देश्य राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

कैबिनेट का सबसे अहम फैसला छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनियमन-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक-2026 को मंजूरी देना रहा। सरकार का दावा है कि ऐसा कानून लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। इसमें डीम्ड परमिशन (Deemed Permission), सेल्फ सर्टिफिकेशन (Self Certification), थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन (Third Party Verification) और रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन (Risk Based Inspection) जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।

कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) के भूखंडों और निर्मित परिसरों के बकायेदारों को राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 लागू करने का फैसला लिया। इससे पुराने मामलों के समाधान और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

बैठक में जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम-2024 को राज्य में लागू करने के लिए विधानसभा में संकल्प लाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत छोटे उल्लंघनों को आपराधिक कार्रवाई के बजाय आर्थिक दंड के दायरे में लाने का प्रावधान होगा।

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम-2011 में संशोधन को भी मंजूरी दी। इसका उद्देश्य खाली मकानों को किराए पर देने को बढ़ावा देना और मकान मालिक व किरायेदारों के बीच विवादों का जल्द समाधान सुनिश्चित करना है।

इसके अलावा, राजनांदगांव में 2,000 सीटों वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए आवश्यक शासकीय भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई। यह ऑडिटोरियम सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।