साय कैबिनेट के बड़े फैसले, आबकारी नीति 2026-27 को मंजूरी, नवा रायपुर में NMIMS और 4 स्टार्टअप हब स्थापित होंगे

रायपुर, छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई साय कैबिनेट (Sai Cabinet) की बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की छत्तीसगढ़ आबकारी नीति (Excise Policy) को मंजूरी दे दी है। सरकार का कहना है कि इस नीति से राजस्व (revenue) व्यवस्था मजबूत होगी और शराब कारोबार में पारदर्शिता (transparency) बढ़ेगी।

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  • Publish Date - January 21, 2026 / 05:51 PM IST

रायपुर, छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई साय कैबिनेट (Sai Cabinet) की बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की छत्तीसगढ़ आबकारी नीति (Excise Policy) को मंजूरी दे दी है। सरकार का कहना है कि इस नीति से राजस्व (revenue) व्यवस्था मजबूत होगी और शराब कारोबार में पारदर्शिता (transparency) बढ़ेगी।

बैठक में शिक्षा (education) के क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया गया। नवा रायपुर अटल नगर (Nava Raipur Atal Nagar) के सेक्टर-18 में करीब 40 एकड़ भूमि को श्री विले पारले कलावणी मंडल (SVKM) को 90 साल की लीज (lease) पर देने की स्वीकृति दी गई है। यहां नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज – NMIMS की स्थापना की जाएगी। इससे राज्य में उच्च शिक्षा (higher education) के नए अवसर पैदा होंगे और बाहर के छात्रों को भी छत्तीसगढ़ में पढ़ाई का विकल्प मिलेगा।

कैबिनेट ने स्टार्टअप (startup) और तकनीकी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के सहयोग से नवा रायपुर में चार स्टार्टअप हब (startup hubs) स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के जरिए अगले 3 से 5 वर्षों में लगभग 133 स्टार्टअप्स को समर्थन देने की योजना है। ये स्टार्टअप्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मेडटेक (MedTech), स्मार्ट सिटी (Smart City) और स्मार्ट एग्रीकल्चर (Smart Agriculture) जैसे क्षेत्रों में काम करेंगे। इसके साथ ही एक ईएसडीडी सेंटर (ESDD Centre) भी बनाया जाएगा, जो हार्डवेयर स्टार्टअप्स और एमएसएमई (MSME) को तकनीकी सहायता देगा।

स्वास्थ्य (health) क्षेत्र को लेकर भी कैबिनेट ने फैसला किया कि जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में डायग्नोस्टिक सेवाओं (diagnostic services) को मजबूत किया जाएगा, ताकि आम लोगों को बेहतर और समय पर जांच की सुविधा मिल सके।

सरकार ने कहा है कि इन फैसलों से छत्तीसगढ़ में निवेश, शिक्षा, रोजगार और स्टार्टअप इकोसिस्टम (startup ecosystem) को नई गति मिलेगी।