सुदूर अबूझमाड़ तक पहुंची ‘सुशासन एक्सप्रेस’, नारायणपुर में बदली आखिरी गांव तक सरकारी सेवाओं की तस्वीर

यह पहल खासतौर पर अबूझमाड़ जैसे उन क्षेत्रों में लागू की गई है, जहां पहले प्रशासन की पहुंच बेहद सीमित थी और लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए भी लंबा इंतजार करते थे।

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  • Publish Date - May 2, 2026 / 08:07 PM IST

नारायणपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के सुदूर और नक्सल प्रभावित इलाकों में ‘सुशासन एक्सप्रेस’ (Sushasan Express – mobile governance unit) के जरिए अब सरकार सीधे लोगों के दरवाजे तक पहुंच रही है, जिससे लास्ट माइल डिलीवरी (last mile delivery) यानी अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है।

यह पहल खासतौर पर अबूझमाड़ जैसे उन क्षेत्रों में लागू की गई है, जहां पहले प्रशासन की पहुंच बेहद सीमित थी और लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए भी लंबा इंतजार करते थे। ‘सुशासन एक्सप्रेस’ एक मोबाइल यूनिट है, जिसमें वाई-फाई (Wi-Fi) और जरूरी तकनीकी सुविधाएं मौजूद हैं, जिससे गांव में ही दस्तावेज और सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इस पहल के तहत ग्रामीणों को आधार कार्ड, राशन कार्ड, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे कई जरूरी दस्तावेज मौके पर ही बनाकर दिए जा रहे हैं। पहले जहां लोगों को महीनों तक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, अब उसी दिन काम पूरा हो रहा है।

प्रशासन के अनुसार, इस अभियान के जरिए हजारों आवेदनों का त्वरित समाधान किया गया है और लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री किसान योजना, मनरेगा जॉब कार्ड से जोड़ा जा रहा है।

‘सुशासन एक्सप्रेस’ की शुरुआत 1 जनवरी 2026 से की गई थी, जिसके बाद से क्षेत्र में शिक्षा, सड़क और इंटरनेट कनेक्टिविटी में भी सुधार हुआ है। कई स्कूल फिर से खोले गए हैं और बच्चों का दाखिला बढ़ा है, जिससे विकास की नई शुरुआत मानी जा रही है।

यह पहल सिर्फ सरकारी सेवाएं देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उन इलाकों में भरोसा भी बढ़ा है जहां पहले नक्सल प्रभाव के कारण लोग प्रशासन से दूर थे। अब प्रशासन खुद गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है।

यह बदलाव दिखाता है कि कैसे तकनीक और मोबाइल प्रशासनिक मॉडल के जरिए दूर-दराज और संवेदनशील इलाकों में भी विकास और सुशासन को मजबूत किया जा सकता है।