विकसित भारत के लक्ष्य के लिए सिविल सेवाओं को समय के साथ अपडेट करना जरूरी: पीएम मोदी

इस सोच के साथ सार्वजनिक सेवाओं को और सक्षम और नागरिकों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील बनाने का लक्ष्य है।

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  • Publish Date - April 2, 2026 / 01:00 PM IST

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुरुवार को ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सिविल सेवाओं को लगातार बदलते समय के अनुसार अपडेट करने की जरूरत पर जोर दिया।

‘साधना सप्ताह’ के शुभारंभ पर वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि देश का प्रशासन (governance) ऐसा होना चाहिए जो रोजाना नागरिकों के जीवन को आसान बनाए और उनकी जीवन गुणवत्ता (quality of life) में सुधार करे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की शासन व्यवस्था “नागरिक देवो भवः” (citizens are like gods) के मंत्र पर आधारित है। इस सोच के साथ सार्वजनिक सेवाओं को और सक्षम और नागरिकों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील बनाने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवाओं में सुधार और बदलाव का एक मतलब यह भी है कि सार्वजनिक सेवकों के व्यवहार में परिवर्तन आए। पहले व्यवस्था में अधिकारी होने पर ज्यादा जोर था, लेकिन अब कर्तव्य (duty) की भावना पर ध्यान दिया जा रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि वर्तमान प्रयासों को 2047 के ‘विकसित भारत’ के बड़े लक्ष्य के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि सिविल सेवकों के फैसलों का देश के विकास पर क्या असर पड़ेगा, कितने नागरिकों के जीवन में बदलाव आएगा और व्यक्तिगत परिवर्तन को संस्थागत बदलाव में कैसे बदला जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक (technology) को समझना और उसका सही उपयोग करना अब सार्वजनिक सेवा का अहम हिस्सा बन गया है। डेटा (data) आधारित निर्णय लेने की क्षमता एक बेहतर प्रशासक बनने के लिए जरूरी है, इसलिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में क्षमता निर्माण और लगातार सीखने पर काम किया जा रहा है।

‘साधना सप्ताह’ (Strengthening Adaptive Development and Humane Aptitude for National Advancement) का आयोजन 2 अप्रैल से 8 अप्रैल तक किया जा रहा है, जो भारत की सिविल सेवाओं में क्षमता निर्माण का एक बड़ा संयुक्त प्रयास है।

यह कार्यक्रम Capacity Building Commission द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जो प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह, नागरिक-केंद्रित और भविष्य के लिए तैयार बनाने के लिए फ्रेमवर्क और मानक तय करता है। आयोग ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत सिविल सेवा सुधारों को आगे बढ़ाने का काम भी कर रहा है।